पत्र पर डीसीपी ट्रैफिक का फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर मिला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। यातायात पुलिस ने नो एंट्री का फर्जी अनुमति पत्र लेकर वाहन चलाने पर चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। 7 सितंबर को नो एंट्री के समय बादशाहपुर रोड की ओर से आ रही पिकअप गाड़ी को रुकवाया गया। चालक से नो एंट्री में चलने संबंधी अनुमति पत्र मांगा तो उसने एक दस्तावेज दिखाया। जांच करने पर डॉ. राजेश मोहन, डीसीपी ट्रैफिक गुरुग्राम के डिजिटल हस्ताक्षर व मोहर अंकित पाई गई। अनुमति पत्र अंकित तारीख के समय यातायात उपायुक्त के पद पर प्रतीक गहलोत नियुक्त थे। यातायात पुलिस मुख्यालय से सत्यापन कराने पर अनुमति पत्र फर्जी पाया गया। इस संबंध में चालक धर्मेंद्र कुमार निवासी खेमकरणपुर गांव, फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) के खिलाफ सदर थाना गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बता दें कि शहर में रोजाना सुबह 8 बजे से 10 बजे तक और शाम 5 बजे से 9 बजे तक कॉमर्शियल व भारी वाहनों के लिए नो एंट्री होती है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु पात्र वाहनों को ऑनलाइन आवेदन के आधार पर यातायात पुलिस द्वारा निशुल्क नो एंट्री अनुमति पत्र जारी किया जाता है। यातायात मुख्यालय/हाईवे एसीपी सत्यपाल यादव ने कहा कि ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।