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Gurugram News: भ्रष्टाचार के पैसे काे प्राॅपर्टी में करता था निवेश, राजनेता से मिलना पड़ा भारी

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निलंबित जज सुधीर परमार की गिरफ्तारी का मामला : गतिविधियों पर थी सरकार की नजर
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छह दिन की रिमांड के दौरान अन्य पर गिर सकती है गाज, भतीजा अजय परमार जा चुका है जेल




मयंक तिवारी

गुरुग्राम। एक केन्द्रीय मंत्री का कथित भतीजा रोहित तोमर एमथ्रीएम बिल्डर और निलंबित जज सुधीर परमार के बीच की कड़ी है। ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि काले धन से जज के भतीजे और मां के नाम प्राॅपर्टी खरीदी गई है। जिस ट्रांसपोर्टर पर ईडी की नजर है। उसे तीन बार पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है। किसी जमाने में 200 ट्रकों के मालिक रहे इस ट्रांसपोर्टर के पास वर्तमान में ढाई हजार से अधिक वाहन हैं।
हाल ही में ईडी द्वारा गिरफ्तार किया गया निलंबित जज सुधीर परमार छह दिन की रिमांड पर है। उसके संपर्क में रहने वालों पर ईडी की खास नजर है। प्रदेश के एक राज नेता से रात में मिलाई करवाने वाले साथी की भी कुंडली खंगाली जा रहा है। ईडी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि जितना भी भ्रष्टाचार का लेन-देन निलंबित जज करता था। वह सब उसकी मां पुष्पा के खाते में किया जाता था। उसने अपनी मां के नाम पर प्रॉपर्टी भी खरीद रखी है। एमथ्रीएम बिल्डर की रिमांड के दौरान मिली जानकारी और साक्ष्यों के आधार पर ईडी ने बृहस्पतिवार देर रात उसे गिरफ्तार किया था।
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राजनैतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले सुधीर परमार एक पार्टी से विधानसभा चुनाव भी लड़ना चाहते थे। उस पार्टी के बड़े नेता से रात में मुलाकात उनको भारी पड़ी। ईडी की नजर अब उस राजनेता से मिलाई कराने वाले पर भी है। जज और नेता के बीच में जो कड़ी है। उसका भाई भी स्वास्थ्य विभाग में बड़े पद पर है। इतना ही नहीं वह स्वास्थ्य मंत्री का करीबी भी है। उसकी पूरी तैनाती भी गुरुग्राम और रेवाड़ी रही है।


चेट व रिकार्डिंग पर कसा है ईडी का शिकंजा
ईडी की जांच में एमथ्रीएम बिल्डर, ट्रांसपोर्टर रोहित तोमर, भतीजे अजय परमार के बीच जो चेट मिले हैं उसका जवाब आरोपी के पास नहीं है। जज की मां के खाते में आर साई ट्रांसपोर्ट कंपनी की ओर से 2022 मार्च से वर्ष 2023 में एक करोड़ 30 लाख रुपये आए हैं। इसका जवाब नहीं है कि यह पैसा किस लिए है। जिस दौरान यह पैसा खाते में आया है उस समय आइरियो ग्रुप की कई शिकायत जज सुधीर परमार के पास थी।
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जिस ट्रांसपोर्टर के खाते से लेन-देन उसकी पत्नी है महिला प्रकोष्ठ में पदाधिकारी

एमथ्रीएम की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसे एमथ्रीएम कंपनी के निदेशकों के साथ निलंबित जज का भतीजा भी जेल जा चुका है। इनके बीच की कड़ी जिस ट्रांसपोर्टर को बताया जा रहा है। उसकी पत्नी भी प्रदेश में महिला प्रकोष्ठ में बड़े पद पर है। वह खुद को एक केन्द्रीय मंत्री का भतीजा बताता है। दोनों के करीबी संबंध की जानकारी ईडी को है। उसे ईडी नोटिस देकर पूछताछ कर चुकी है।
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