बगैर इजाजत देश छोड़ने पर रोक, एक सप्ताह के अंदर जमा करना होगा पासपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अदालत ने 2016 में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में यूनिवर्सल बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रमन पुरी को सशर्त जमानत दे दी। साथ ही एसीजेएम मनीष कुमार की अदालत ने बिना इजाजत के निदेशक के देश छोड़ने पर रोक लगाने का फैसला भी सुनाया। इसके अलावा निदेशक को 7 दिन के अंदर पासपोर्ट कोर्ट में जमा कराने को कहा है। वहीं स्थायी पता और मोबाइल नंबर संबंधित थाना एसएचओ या जांच अधिकारी को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं।
सदर थाना में एफआईआर 22 अप्रैल 2016 को दर्ज हुई थी। परमिला सिंगल व अन्य शिकायतकर्ताओं ने बिल्डर कंपनी के सेक्टर-70A स्थित द पैवेलियन प्रोजेक्ट में निवेश किया था। शिकायत के अनुसार, प्रोजेक्ट के खरीदारों ने यूनिवर्सल बिल्डवेल को भुगतान किया था, लेकिन लंबे समय तक न तो निर्माण कार्य पूरा हुआ और न ही खरीदारों को उनका पैसा वापस मिला। शिकायतकर्ता प्रमिला सिंह समेत अन्य खरीदारों ने आरोप लगाया था कि कंपनी के निदेशकों ने झूठे वादों के आधार पर निवेश करवाया।
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि रमन पुरी अक्तूबर 2024 से न्यायिक हिरासत में हैं और यह मामला यूनिवर्सल बिल्डवेल से जुड़े 25 से अधिक मामलों का हिस्सा है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि कंपनी इस समय दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत है और एनसीएलटी द्वारा समाधान योजना को मंजूरी दी जा चुकी है।
वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी पर कई लोगों से धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप हैं। रिहा होने पर वह साक्ष्यों या गवाहों को प्रभावित कर सकता है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने सभी पक्षों को सुनकर मंगलवार को निदेशक को सशर्त जमानत दी है।