-जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट ने जारी किए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नाबालिगों के वाहन चलाने पर अदालत ने अभिभावकों पर सख्ती करनी शुरू कर दी है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट ज्योति ग्रोवर की अदालत ने सोहना सिटी थाने की पुलिस को नाबालिग के पिता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अदालत के आदेश पर वाहन चलाने वाले नाबालिग के पिता पर सोहना सिटी थाने में 20 मई को मोटर व्हीकल एक्ट 199ए के तहत प्राथमिकी दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू की है। मामले की जांच हेड कांस्टेबल इकबाल कर रहे हैं।
यह मामला ट्रैफिक चालान से संबंधित है, जिसमें एक नाबालिग को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दोषी पाया गया था। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष सुनवाई के दौरान सामने आया कि संबंधित चालान अधिकारी ने न तो नाबालिग बच्चे के अभिभावक के खिलाफ कोई कार्रवाई की और न ही बाइक मालिक को आरोपी बनाया गया। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199ए के तहत यह अनिवार्य है क्योंकि नाबालिग मोटर व्हीकल चलाने का पात्र नहीं होता। इससे सड़क पर दुर्घटना होने की संभावना होती है।
अदालत में सुनवाई के दौरान चालान करने वाला अधिकारी एसआई राजबीर से पूछा गया कि उन्होंने नाबालिग के पिता या बाइक के मालिक को आरोपी के रूप में क्यों शामिल नहीं किया गया। इस मामले में लापरवाही को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज क्यों दर्ज नहीं की गई। इस पर चालान करने वाला पुलिसकर्मी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के आदेश पर सिटी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।