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Gurugram News: नूंह शहर में रहा अघोषित कर्फ्यू, पूरे शहर में सन्नाटा

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अमर उजाला ब्यूरो
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नूंह। नल्हड मंदिर में जलाभिषेक यात्रा को लेकर नूंह जिला पूरी तरह से सोमवार को बंद रहा। सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से पूरे नूंह शहर में अघोषित कर्फ्यू लगा रहा। लोग दिन पर टीवी से चिपके रहे। इंटरनेट बंद होने से सोशल मीडिया से दूर रहे।

बता दें कि 31 जुलाई को नूंह में नल्हड भागवान शिव के जलाभिषेक यात्रा के दौरा हिंसा हो गई थी। इससे जलाभिषेक की यात्रा पूरी नहीं हो सकी थी और विश्व हिंदू परिषद समेत अन्य संगठनों से 28 अगस्त को इस यात्रा को पूरा करने का ऐलान किया था। इसे लेकर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। इसके लिए स्थानीय के साथ अन्य जिलों से पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।
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सोमवार को प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने नूंह के बाजार, कालोनियों व आसपास के लोगों को अपने घर में रहने के लिए कहा था। ऐसे में सोमवार को लोग सुबह से शाम तक घर में बैठे रहे। हालांकि दोपहर में अडबर चौक पर मीडिया का जमघट लगाने से लोग अपने घरों की छतों पर निकले। पूरा माहौल देखने के बाद अंदर चले गए। लोगों ने बताया कि नूंह में कड़े सुरक्षा इंतजाम के कारण सोमवार का दिन कर्फ्यू जैसा ही बीता। उनका कहना हैं कि सड़क पर पुलिस होने के कारण मजबूरी थी। उनका कहना हैं कि इंटरनेट बंद होने से मनोरंजन का साधन टीवी ही रहा। नूंह से सटे गांवों में भी लोगों ने अपने घरों में ही रहना मुनासिब समझा।



लोगों से बातचीत

मेवात में हमेशा से शांति रही है। बच्चों के कारण हालात खराब हुए हैं। एक माह से पूरे जिले में अशांति बनी हुई है। यहां हमेशा से हिंदू-मुस्लिम साथ-साथ रहते रहे हैं। यूसुफ, नूंह
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पुलिस ने रविवार की शाम को मुनादी करा दी थी कि सोमवार को कोई घर से बाहर नहीं निकलेगा। ऐसे में दोपहर दो बजे तक घर में रहा। चौक पर चहल-पहल होने से घर से बाहर आया। उम्मीद हैं कि अब शहर का माहौल शांत हो जाएगा। - फूलचंद्र, नूंह




नूंह में दस करोड़ का कारोबार प्रभावित

अमर उजाला ब्यूरो

नूंह। जलाभिषेक यात्रा को लेकर नूंह जिला सोमवार को पूरी तरह से बंद रहा। कड़े सुरक्षा व्यवस्था होने से बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। एक अनुमान के मुताबिक नूंह शहर में एक दिन में करीब दस करोड़ का नुकसान हुआ है।

दुकानदारों ने बताया कि इससे पहले की उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा था। 31 जुलाई को हुई हिंसा के बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था। इससे अभी उबरे नहीं थे कि फिर से उन्हें एक दिन की अघोषित कर्फ्यू की स्थिति झेलनी पड़ी। नूंह में करीब सात सौ दुकानें, सब्जी मंडी, मंडी समिति और आधा दर्जन पेट्रोल पंप हैं। ऐसे में पूरे दिन बाजारों में सन्नाटा रहा। दुकानदारों का कहना हैं कि करीब दस करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। शहर का सबसे प्रमुख अडबर चौक जिसे नूंह का कनाट प्लेस कहते हैं, पर सन्नाटा पसरा रहा। सभी दुकानें शाम तक बंद रही। खेड़ा बाजार के कारोबारी सद्दीम ने कहा कि सोमवार को काफी संख्या में गांव के लोग बाजार आते हैं, लेकिन बंदी होने से काम प्रभावित हुआ है। उनका कहना हैं कि हिंसा के कारण कुछ लोगों की माली हालत काफी खराब हो चुकी है। वहीं, कई पेट्रोल पंप बंद रहे। हालांकि जो खुले इस पर ग्राहक नहीं के बराबर रहे। उनका कहना हैं कि एक माह से काम धंधा नहीं के बराबर है।
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दुकानदार उमाशंकर ने कहा कि नूंह हिंसा के बाद शहर का माहौल पूरी तरह सही नहीं है। ऐसे में दुकान चलाना भारी पड़ रहा है। उनका कहना हैं कि चार बच्चों का पालन-पोषण दुकान से होता है, लेकिन एक माह से इसमें परेशानी हो रही है।
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