उद्योग विहार फेस-टू में निर्माणाधीन भवन के पास शनिवार सुबह टूटी थी पेयजल की मुख्य लाइन, रविवार शाम शुरू हुई मरम्मत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। उद्योग विहार फेस-टू के प्लॉट नंबर-311 में निर्माणाधीन भवन के पास पेयजल की मुख्य लाइन शनिवार सुबह टूट गई। इससे पानी की बर्बादी के साथ-साथ आसपास रहने वाले करीब दो हजार परिवारों को पेयजल की किल्लत भी झेलनी पड़ी। दरअसल, एचएसआईआईडीसी और जीएमडीए में तालमेल के अभाव के कारण मरम्मत कार्य देर से शुरू हुआ। ऐसे में रविवार शाम तक करीब 36 घंटे इलाके में जलापूर्ति नहीं हो पाई।
24 घंटे बाद शुरू मरम्मत कार्य
सूर्या विहार सोसाइटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने बताया कि उद्योग विहार फेज टू के औद्योगिक परिसर में बेसमेंट की खुदाई के दौरान शनिवार सुबह पाइपलाइन टूटी थी। मुख्य लाइन से जुड़ीं दो लाइनें बिल्कुल अलग-अलग हो गईं। 24 घंटे तक मरम्मत कार्य इसलिए शुरू नहीं हो पाया कि एचएसआईआईडीसी और जीएमडीए में खींचतान चल रही थी कि पाइपलाइन किसकी है। रविवार को पहले एचआईआईडीसी के कर्मियों ने काम शुरू किया। उसके बाद जीएमडीए ने जिम्मेदारी ली।
यहां सबसे ज्यादा दिक्कत
सूर्या विहार सोसाइटी, उद्योग विहार फेज-टू की औद्योगिक इकाइयों और डूंडाहेड़ा स्थित राम और आदर्श कॉलोनी में शनिवार और रविवार को पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। इस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कोट्स
एक ही क्षेत्र में नगर निगम, जीएमडीए, एचएसआईआईडीसी जैसे कई प्राधिकरण काम करते हैं। कई अथॉरिटी के कारण परेशानी ज्यादा हो रही है। उद्यमियों को इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। - राज सिंगला, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, उद्योग विहार
पाइपलाइन टूटने के बाद उसका मरम्मत कार्य देरी से शुरू हुआ। प्रशासन के विभिन्न अमलों को एक-दूसरे के साथ सामंजस्य रखना चाहिए। हम दो दिन से पानी की किल्लत झेल रहे हैं। दूसरी ओर पेयजल बर्बाद हो रहा है। - सारिका मिश्रा, सूर्या विहार