दोनों को नहीं आता था तैयार
पुलिस के अनुसार बुधवार को दोपहर बाद करीब 3 बजे वे दोनों तालाब की ओर चले गए थे। कुछ समय तक वे तालाब के किनारे बैठे रहे और इसके बाद वे दोनों नहाने के लिए गहरे तालाब में उतर गए। कुछ देर नहाने के बाद रंजीत पानी से बाहर आ गया, जबकि महेंद्र अंदर ही रहा। महेंद्र पाल तालाब के गहरे हिस्से में फिसलकर डूबने लगा। उसे बचाने के लिए रंजीत राय भी दोबारा पानी में कूद गया। पता चला है कि दोनों को तैरना नहीं आता था। इस कारण वे तालाब के पानी मे डूब गए।
दो घंटे के बाद बाहर निकाले गए शव
जब राहगीरों ने दोनों को तालाब में डूबते देखा तो डायल 112 पर कॉल करके पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद बजघेड़ा थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने एसडीआरएफ विभाग में कॉल करके घटना के बारे में जानकारी देकर बचाव टीम को मौके पर बुलाया। पुलिस व एसडीआरएफ की टीम ने करीब दो घंटों की मशक्कत के बाद तालाब से दोनों शवों को निकाला।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने करीब 6 बजे शवों को बाहर निकालकर उनकी पहचान करवाई। पहचान होने के बाद पुलिस ने मृतकों के परिवार वालों को घटना के बारे में सूचना दी। पुलिस ने दोनों शवों को मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस मामले में गहनता से जांच कर रही है कि घटना के दौरान उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति तो नहीं था।