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Gurugram News: दो जालसाज ने प्लॉट के नाम पर 5.64 लाख रुपये ठगे

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पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-9 थाना क्षेत्र में दो जालसाज ने प्लॉट के नाम पर एक व्यक्ति से 5.64 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू की है।
देवीलाल नगर निवासी जितेंद्र शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाला विकास दुरेजा प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। उसने जितेंद्र को बताया कि उसके चाचा दिल्ली में बड़े अधिकारी हैं और
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वे किसी ब्राह्मण को जमीन दान में देना चाहते हैं। जितेंद्र शर्मा को जमीन दान में दिलवाने के लिए विकास दुरेजा ने उससे पांच लाख रुपये चाचा के लिए और पांच लाख रुपये अपने लिए मांगे। ये रुपये रजिस्ट्री के समय देने को कहा गया। चार मार्च को विकास दुरेजा अपने साथ सुधीर नामक सरकारी अधिकारी को उसके घर लेकर लाया। इस दौरान सुधीर ने बताया कि उसके बॉस एक बड़े अधिकारी हैं और उनकी चार-पांच कॉलोनियों में जगहें हैं। कागजों की औपचारिकता पूरी करने के बाद वे जमीन दान में दे देंगे। इसके लिए उन्होंने आधार कार्ड व आईडी प्रूफ मांगा और फाइल बनवाने के लिए वकील की 10,500 रुपये फीस भी मांगी। पूरी प्रक्रिया में 45 दिन लगने की बात कही गई।
इसके बाद जितेंद्र से कुछ रुपये और भी लिए गए और उससे कुछ एफिडेविट भी साइन करवाए। वहीं, सुधीर ने जितेंद्र को कहा कि उसकी फाइल पास हो गई है और उसे 100 गज का प्लॉट मिल जाएगा। इसके लिए उसे चार कॉलोनियों राजेंद्रा पार्क, गढ़ी हरसरू, अशोक विहार फेज-1 व फेज-2 और लक्ष्मण विहार के बारे में बताया गया। जितेंद्र ने राजेंद्रा पार्क के लिए सहमति जताई। इसके बाद उससे कहा कि 100 गज की बजाय 133 गज प्लॉट की फाइल पास हो गई है।
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पांच मई जितेंद्र के बेटे व पत्नी को राजेंद्रा पार्क में गली दिखाई गई और बताया गया कि इसी गली में मकान है जोकि 27 मई तक खाली हो जाएगा। जितेंद्र ने मकान देखने की इच्छा जाहिर की तो उससे कहा गया कि यह गिफ्ट डील है, इसलिए रजिस्ट्री के बाद ही मकान की चाबी गिफ्ट में दी जाएगी। इसके बाद भी विकास व सुधीर उसके यहां आते-जाते रहे और पेमेंट लेते रहे। इस तरह उन्होंने जितेंद्र से कुल 5.64 लाख रुपये ले लिए। 27 मई को जब रजिस्ट्री का समय आया तो वे उसे टरकाने लगे और पांच जून को रजिस्ट्री कराने के लिए कहा। उस दिन जब जितेंद्र ने सुधीर को फोन किया तो उसका स्विच ऑफ मिला। उसने विकास से बात की और सुधीर के एड्रेस पर पहुंचा तो पता चला कि वह वहां नहीं रहता था। जितेंद्र को समझ में आ गया कि उसके साथ ठगी हो गई है। जांच अधिकारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि शिकायत पर मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई की जा रही है।
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