1.87 करोड़ की ठगी में तीन दिन की रिमांड पर आरोपी, दूसरे को नोएडा से किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर ठगों के बढ़ते जाल के बीच गुरुग्राम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। पहले मामले में साइबर क्राइम थाना साउथ की टीम ने निवेश के नाम पर 1.87 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले आरोपी जितेंद्र राय को गिरफ्तार किया, जो मूलरूप से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का निवासी है। वहीं दूसरे मामले में, साइबर क्राइम थाना वेस्ट की टीम ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 23 लाख रुपये ठगने वाले 21 वर्षीय आरोपी करण राजपूत को नोएडा से दबोचा है। फरीदाबाद का रहने वाला यह आरोपी इन दिनों नोएडा में छिपकर रह रहा था। पुलिस दोनों आरोपियों से ठगी के इस नेटवर्क और उनके अन्य साथियों के बारे में सुराग जुटाने में लगी है।
आरोपी से पूछताछ करेगी पुलिस
निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने के मामले में साइबर क्राइम थाना साउथ की टीम ने कुशीनगर, उत्तर प्रदेश निवासी जितेंद्र राय को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया। साइबर क्राइम थाना साउथ पुलिस को ये शिकायत 25 दिसंबर को एक व्यक्ति ने दी थी। शिकायत में बताया गया कि ठगों ने निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर 1.87 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। निवेश पर मुनाफा होना भी दिखाया गया लेकिन रिफंड मांगा तो बहाने से और रुपये ट्रांसफर करने को कहने लगे। तब ठगी का अहसास हुआ। साइबर क्राइम थाना साउथ की टीम ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि मामले में ठगी के 38 लाख रुपये जिस बैंक खाते में गए थे वो बैंक खाता जितेंद्र राय के नाम पर है। आरोपी ने ये बैंक खाता 10 हजार रुपये प्रति महीना किराये पर एक अन्य व्यक्ति को दिया हुआ था। पुलिस टीम अब आरोपी से पूछताछ कर उससे जुड़े अन्य आरोपियों का पता लगा रही है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी को 3 दिन के रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है।
ठग ने पुलिस अधिकारी बनकर की थी बात
गुरुग्राम। डिजिटल अरेस्ट कर 23 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में शुक्रवार को पुलिस ने फरीदाबाद के पल्ला निवासी करण राजपूत (21) को नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि ठगी के 23 लाख रुपये जिस बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, वो बैंक खाता करण के नाम पर है। आरोपी ने ये बैंक खाता 2.5 लाख रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को बेचा था। एसीपी साइबर क्राइम गौरव फौगाट ने बताया कि टीम आरोपी से पूछताछ कर अन्य आरोपियों का पता लगा रही है। ठगी को लेकर पुलिस को ये शिकायत 5 मई को एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाना वेस्ट में दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 24 से 30 अप्रैल के दौरान साइबर ठग ने पुलिस अधिकारी बनकर बात की और शिकायतकर्ता को केस का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट किया। आरोपियों ने डरा-धमका कर शिकायतकर्ता से 23 लाख रुपये बैंक खाते में जांच के नाम पर ट्रांसफर करा लिए। बाद में रिफंड नहीं मिला और आरोपियों ने संपर्क बंद किया तो साइबर ठगी का अहसास हुआ। साइबर क्राइम थाना वेस्ट की टीम ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है।