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Gurugram News: एमटीपी किट बेचने वाले दो आरोपी जेल भेजे

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पुलिस ने एक आरोपी को रिमांड पर लिया
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मेडिकल स्टोर पर अवैध तरीके से मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) किट बेचने वालों पर पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेज दिया है और एक आरोपी को रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस आरोपी से पूछताछ करेगी कि वह एमटीपी किट कहां से मंगवाता था। उसी आधार पर किट उपलब्ध कराने वालों से पूछताछ करेगी और पता लगाएगी कि उनके पास एमटीपी किट के लिए नियमानुसार लाइसेंस है या नहीं। कासन गांव सेक्टर-तीन आईएनटी मानेसर स्थित लाइफ केयर केमिस्ट से एक एमटीपी किट, कासन गांव में जय मेडिकल स्टोर से छह एमटीपी किट और न्यू डागर मेडिकल स्टोर से तीन एमटीपी किट बरामद हुई थी। लाइफ केयर केमिस्ट पर 1200 रुपये में, जय मेडिकल स्टोर से 500 रुपये और न्यू डागर मेडिकल स्टोर में 1000 रुपये में एमटीपी किट बेची जा रही थी। बीते बृहस्पतिवार को जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीन मेडिकल स्टोर पर एमटीपी किट बेचने पर कार्रवाई की थी। इसमें एक मेडिकल स्टोर के संचालक और दो मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले एक महिला व एक युवक को गिरफ्तार किया था। इनमें कासन गांव में जय मेडिकल स्टोर के संचालक मंजीत यादव को गिरफ्तार करके कार्रवाई की जा रही है। वहीं, गांव कासन सेक्टर-तीन आईएनटी मानेसर में स्थित लाइफ केयर केमिस्ट के संचालक और गांव खोह में स्थित न्यू डागर मेडिकल स्टोर के संचालक के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई करेगी।
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क्या है मामला
जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीते बृहस्पतिवार को आईएमटी मानेसर क्षेत्र में तीन अलग-अलग मेडिकल स्टोर पर अवैध रूप से एमटीपी किट बेचने वाले मामले में एक महिला समेत तीन को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ आईएमटी मानेसर थाने में तीन अलग-अलग मामले जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से दर्ज करवाए गए हैं। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप यादव के नेतृत्व टीम ने तीन मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई की। यहां पर काफी दिनों से अवैध तरीके से एमटीपी किट बेचने की सूचना मिल रही थी। एक गर्भवती महिला को डिकॉय बनाकर तीनों मेडिकल स्टोर से एमटीपी किट खरीदी और उसी आधार पर तीनों मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई की।
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इस पर बीते बृहस्पतिवार को उन्होंने टीम में अन्य डॉक्टर को शामिल किया। एक गर्भवती महिला को डिकॉय बनाकर सबसे पहले कासन गांव सेक्टर-तीन आईएनटी मानेसर में स्थित लाइफ केयर कैमिस्ट दुकान पर भेजा गया। दुकान पर मौजूद नौशिना ने महिला से एक हजार नकद और 200 रुपये यूपीआई से लेने के बाद एमटीपी किट दी। महिला को नौशिना की तरफ से दवाई कैसे लेनी है, इसके बारे में भी जानकारी दी।
टीम ने मौके पर दबिश देते हुए कैमिस्ट की दुकान से एक हजार नकद रुपये बरामद किए गए। उसके बाद अवैध तरीके से किट देने के बारे में पूछा गया, तो उसके पास कोई जवाब नहीं मिला। दुकानदार के पास एमटीपी किट बेचने का लाइसेंस नहीं था और न ही टीम को रिकॉर्ड मिला। एक हजार रुपये में बेची किट स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कासन गांव में जय मेडिकल दुकान में डिकॉय महिला को एमटीपी किट खरीदने के लिए भेजा गया।
दुकान में मौजूद मंजित यादव ने 500 रुपये लेकर महिला को किट दी और उसका कैसे इस्तेमाल करना है। इसके बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। टीम ने दबिश देते हुए मंजित यादव से एमटीपी किट अवैध तरीके से बेचने और बिना डॉक्टर के बेचने के बारे में पूछा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके अलावा दुकान से स्वास्थय विभाग को रिकॉर्ड भी नहीं मिल और न ही किट बेचने का लाइसेंस था।

टीम ने गांव खोह में स्थित न्यू डागर मेडिकल स्टोर पर दबिश दी। जहां पर मौजूद सेल्समैन सचिन यादव ने स्वास्थ्य विभाग की डिकॉय महिला को एक हजार रुपये में एमटीपी किट अवैध तरीके से बेच दी। सेल्समैन से लाइसेंस और रिकॉर्ड नहीं मिला। चार महीने से बेच रहे थे किट पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बीते तीन से चार महीने से अवैध तरीके से किट बेच रहे थे। इसके अलावा किट की कीमत 350 रुपये है। वह अवैध तरीके से बाजार में 500 रुपये लेकर 1200 रुपये तक बेच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिलने पर गुरुवार को तीन दुकानों पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। क्या है नियम डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि एमटीपी किट कोई भी नहीं बेच सकता है। उसके लिए लाइसेंस लेने की जरूरत होती है। इसके साथ ही एमटीपी किट सिर्फ डॉक्टर के पर्चे पर दी जाती है। अवैध तरीके से किट देने पर गर्भवती महिलाओं की जान का खतरा भी होता है।
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कोट:
तीन दुकानों में दबिश देकर अवैध तरीके से एमटीपी किट बेचने का काम करने वालों का भंडाफोड़ किया है। दुकानदारों के पास किट बेचने का लाइसेंस तक नहीं था। तीन गुना तक ज्यादा दामों पर बेच रहे थे। मामला दर्ज करवाया गया और पुलिस को सौंप दिया गया।
-प्रदीप यादव, डिप्टी सिविल सर्जन
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