गुरुग्राम। कृति अस्पताल में फिजिशियन के बिना कोविड संक्रमितों का इलाज होने पर मेडिकल बोर्ड ने सवाल उठाया है। मुख्य रूप से इसी गड़बड़ी का उल्लेख करके सिविल सर्जन को रिपोर्ट सौंपी है। यह रिपोर्ट शिकायतकर्ता तीमारदारों को भेज दी गई है। जिसके आधार पर अस्पताल के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्जन कराने के लिए स्वतंत्र हैं। मेडिकल बोर्ड ने मरीजों की जांच में पाया कि अस्पताल में सर्जन इलाज कर रहे थे।
अप्रैल के अंतिम सप्ताह में अस्पताल में नौ मरीजों की मौत हो गई थी। इन मौतों को लेकर अस्पताल प्रबंधन का आरोप था कि ये मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुईं हैं, जबकि तीमारदारों का कहना था कि पर्याप्त मात्रा में सिलिंडर उपलब्ध थे। अस्पताल में मौत का कारण लापरवाही रहा है। इसी को लेकर तीमारदारों ने जमकर हंगामा काटा था। मौके से डॉक्टर तथा स्टाफ भाग गया था। पुलिस ने जांच कराने का आश्वासन देकर तीमारदारों को शांत किया था।
इसी प्रकरण में डीसी के आदेश पर मजिस्ट्रेटी जांच हुई। जिसमें मौत का कारण
ऑक्सीजन नहीं बल्कि लापरवाही बताई थी। जिसकी फिर से मेडिकल बोर्ड से जांच कराने की सिफारिश की गई। इसी आधार पर बोर्ड ने जांच में यह खुलासा किया है। सूत्रों के अनुसार बोर्ड की रिपोर्ट पीड़ित तीमारदारों को दे दी गई। जिसके आधार पर वह अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए स्वतंत्र है। वहीं दूसरी ओर सीएमओ विरेंद्र यादव का कहना है कि इस मामले की जांच रिपोर्ट बोर्ड से मिल गई है। जिसे तीमारदारों के पास भेज दिया है। अब उन्हें देखना है कि वह क्या करते हैं।
अस्पतालों में अधिक वसूली की एक दर्जन शिकायतें
सिटी मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ दहिया के अनुसार जिले में कोविड के दौरान अधिक वसूली की एक दर्जन शिकायतें दर्ज हुई है। उनमें से पांच की जांच पूरी करके रिपोर्ट भेज दी है। जिनमें आरोप सही पाए गए हैं। शेष मामलों की जांच भी की जा रही है। इनकी भी रिपोर्ट एक सप्ताह में आ जाएगी , जिसे कार्रवाई के लिए भेज दिया जाएगा। अधिक वसूली के मामले में किस तरह से कार्रवाई की जानी है, इस बारे में कानूनी राय ली जा रही है। फिलहाल अधिक वसूली करने वाले अस्पतालों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।