आठ फीट गहरी खोदाई से झुकी पांच मंजिला इमारत, अब गिरने का खतरा
एसडीएम ने एसडीआरएफ टीम तैनात करने की सिफारिश की
तकनीकी टीम की सलाह से इमारत गिराने पर होगा फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सुशांत लोक-1 के सी-ब्लॉक में आठ फीट गहरी नींव की खोदाई के बाद झुकी पांच मंजिला इमारत का खतरा बढ़ गया है। दो दिन में इमारत का झुकाव ढाई इंच से बढ़कर चार इंच तक पहुंच गया। आपदा प्रबंधन विभाग ने इमारत को पूरी तरह असुरक्षित घोषित कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम बादशाहपुर संजीव सिंगला ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम तैनात करने की सिफारिश की है। जिला प्रशासन अब तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह लेकर इमारत को गिराने पर निर्णय करेगा।
बृहस्पतिवार को एसडीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में इमारत के लगातार झुकने और आसपास के भवनों की सुरक्षा पर चर्चा की गई। बैठक में पीडब्ल्यूडी, पुलिस, राजस्व विभाग, सिविल डिफेंस, डीटीपी और नगर निगम के अधिकारी शामिल हुए। एसडीएम ने नगर निगम आयुक्त और उपायुक्त को पत्र लिखकर संभावित हादसे से निपटने के लिए मौके पर एसडीआरएफ और संबंधित तकनीकी विभागों की टीमें तैनात करने की सिफारिश की है।
खोदाई से नींव को नुकसान पहुंचने का आरोप
सोमवार को सुशांत लोक-1 में प्लॉट नंबर 1770 पर बनी पांच मंजिला इमारत एक तरफ झुक गई। इमारत के मालिक संदीप सिंगल ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि पड़ोसी प्लॉट नंबर 1769 के मालिकों ने बिना पूर्व सूचना और सुरक्षा इंतजाम के जेसीबी से इमारत के बिल्कुल सटाकर करीब आठ फीट गहरी, छह फीट चौड़ी और 65 फीट लंबी खाई खोद दी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, खोदाई के दौरान हुए झटकों और नींव के पास मिट्टी हटने से इमारत की नींव प्रभावित हुई। इससे फुटिंग उखड़ गई और दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं।
इमारत गिराने के विकल्प पर मंथन
बृहस्पतिवार को आपदा प्रबंधन और इंजीनियरिंग टीम ने दोबारा निरीक्षण किया। इसमें इमारत का झुकाव बढ़ा हुआ मिला। लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन अब इसे गिराने के विकल्प पर विचार कर रहा है। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इमारत को हटाने की प्रक्रिया में आसपास के भवनों को नुकसान न पहुंचे। इसके लिए तकनीकी टीम से सलाह ली जा रही है। फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।