पांच हजार रुपये का जुर्माना भी, स्कूल से लौटते वक्त वारदात की कोशिश
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल के एक गांव में स्कूल से लौट रही छह वर्षीय बच्ची को अपहरण के बाद दुष्कर्म का प्रयास करने के दोषी को अदालत ने तीन वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना भरने का फैसला सुनाया है। यह मामला दिसंबर 2021 का बताया गया है।
विशेष पाक्सो अदालत के विशेष अभियोजक आकाश तंवर जानकारी देते हुए बताया कि दिसंबर 2021 में नूंह के एक गांव में छह वर्षीय नाबालिग स्कूल से पढ़कर घर लौट रही थी। उसके साथ में और बच्चियों थीं। इसी दौरान गांव के ही युवक अंकित ने बच्ची का मुंह बंद कर जबरन उठा लिया। उसने बच्ची को गली में ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास किया। परिजनों को अन्य बच्चों के माध्यम से इस वारदात के बारे में पता चला तो वह तुरंत मौके पर गए।
बच्ची जोर-जोर से चिल्लाकर रो रही थी। परिजनों ने शोर मचाया तो अन्य भी लोग भी मौके पर पहुंचे, लेकिन इस दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया। नूंह महिला थाने में आरोपी अंकित के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज हुआ। आरोपी की गिरफ्तारी कर घटनास्थल की निशानदेही कराई गई। सभी गवाहों के बयान दर्ज करते हुए जरूरी साक्ष्य जुटाए गए।करीब दो साल तक मामले की अदालत में सुनवाई हुई। पुलिस के सहयोग से जुटाए गए सभी जरूरी साक्ष्यों को अदालत में मजबूत पैरवी के साथ रखा गया, जिनके आधार पर बीते बृहस्पतिवार को अदालत ने आरोपी अंकित को दोषी ठहराया और शुक्रवार को तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना का फैसला सुनाया।