गुजरात लायंस से खेलेंगे फरीदाबाद के राहुल और मोहित
सनराइज हैदराबाद टीम में जलवा दिखाएंगे मेवात के शाहबाज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद/मेवात। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दक्षिण हरियाणा के फरीदाबाद और मेवात के तीन खिलाड़ी नजर आएंगे। इनमें फरीदाबाद के राहुल तेवतिया व मोहित शर्मा और मेवात के शाहबाज अहमद शामिल हैं। राहुल तेवतिया व मोहित शर्मा वर्ष-2023 में दोनों गुजरात टाइटंस की ओर से खेले थे। दोनों क्रिकेटर को वर्ष 2024 के लिए भी दोबारा खिलाया (रिटेन किया) गया है। राहुल तेवतिया का नौ करोड़ रुपये का पैकेज है। मोहित शर्मा इस वर्ष भी 50 लाख रुपये के पैकेज पर खेल रहे हैं। दूसरी ओर मेवात के शाहबाज अहमद सनराइजर्स हैदराबाद की टीम से खेलेंगे। उनका भी पहले से साढे़ पांच करोड़ में करार है।
कभी सीही गांव की गलियों में क्रिकेट खेलने वाले राहुल तेवतिया ने नामी दिग्गजों को भी पछाड़ दिया है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पिछले वर्ष नीलामी में राहुल को गुजरात टाइटन्स ने नौ करोड़ रुपये में खरीदा था। जबकि इससे पहले वह राजस्थान की ओर से खेल रहे थे। गांव से निकले इस खिलाड़ी की ब्रांड कीमत पांच साल में करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये बढ़ गई। उनके प्रदर्शन पर परिवार बेहद खुश है। दोबारा नौ करोड़ रुपये पर उनके चयन की जानकारी मिलने पर परिजन ने हर्ष व्यक्त किया है।
लेग स्पिनर के पिता कृष्णपाल तेवतिया ने कहा कि उनका बेटा क्रिकेट के सिवाय कुछ और नहीं सोचता।उन्होंने बताया कि तीन वर्ष का अनुबंध है। वर्ष 2017 के आईपीएल में राहुल को 25 लाख रुपये में पंजाब किंग्स इलेवन ने खरीदा था, लेकिन शुरुआती 11 मैचों में टीम प्रबंधन ने राहुल को टीम में शामिल नहीं किया। राहुल को 11 मैचों के बाद बारहवें मैच में कोलकाता नाइट राइडर के खिलाफ मौका दिया गया। मौका मिलते ही राहुल ने अपनी क्षमता को दिखाते हुए तीन विकेट हासिल किए। आईपीएल 2020 ने राहुल तेवतिया को स्टार बनाया। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 37 रन देकर 3 विकेट झटके, जिसमें वॉटसन और सैम करन का महत्वपूर्ण विकेट शामिल थे।
वहीं, तेज गेंदबाज मोहित शर्मा मोहित शर्मा पिछले दो वर्षों से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में गुजरात टाइटंस के लिए खेल रहे हैं। तीन वर्ष बाद 2023 में उनका बेहतर प्रदर्शन रहा है। उन्होंने 14 मैचों में 13.25 की औसत से 25 विकेट लेकर टूर्नामेंट के बेहतरीन गेंदबाजों में शामिल हो गए। मोहित ने आईपीएल 2023 में गुजरात टाइटंस के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया।अपनी टीम को लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वह आईपीएल में इस वर्ष भी टीम के लिए खेलते नजर आएंगे। क्योंकि नीलामी से पहले फ्रेंचाइजी ने उन्हें बरकरार रखा है।
मोहित शर्मा ने वर्ष 2013 में आईपीएल में डेब्यू किया था। जब उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स ने 10 लाख रुपये में खरीदा था। 2014 में 2 करोड़ रुपये में खरीदे गए थे। टीम के साथ तीन साल बिताने के बाद, मोहित 2016 में 6.5 करोड़ रुपये में पंजाब किंग्स में शामिल हो गए। वर्ष 2018 आईपीएल में उनका वेतन घटाकर 2.4 करोड़ रुपये कर दिया गया था। आईपीएल 2019 से पहले मोहित को फिर से चेन्नई सुपर किंग्स में 5 करोड़ रुपये में वापस खरीदे गए। वर्ष 2021 और 2022 में टूर्नामेंट में शामिल नहीं किया गया। 2023 में, मोहित को गुजरात टाइटंस को 50 लाख रुपये में बेचा गया था। वर्ष 2024 में भी वह गुजरात टाइटंस के साथ खेलेंगे। हलांकि, पिछले वर्ष उनके बेहतरीन प्रदर्शन के बाद परिजन को संभावना थी कि इस वर्ष उन्हें अच्छी राशि मिलेगी।
सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलेंगे शाहबाज अहमद
नगीना। नीति आयोग के सबसे पिछड़े इलाके मेवात के रहने वाले ऑल राउंडर शाहबाज अहमद को सनराइजर्स हैदराबाद टीम में शामिल किया है। इससे पहले शाहबाज अहमद आईपीएल में खेल चुके हैं। वो भारतीय क्रिकेट टीम के जिंबाब्वे दौरे का हिस्सा भी रहे हैं। प्रथम श्रेणी से लेकर रणजी ट्रॉफी के काफी मैच खेल चुके हैं। शाहबाज अहमद का जन्म पिनगवां खंड के गांव सिकरावा में 11 दिसंबर 1994 को हुआ था। हरियाणा के मेवात जिले के रहने वाले शाहबाज के क्रिकेट तक पहुंचने की कहानी रोचक है। इस ऑलराउंडर के पिता अहमद जान हरियाणा में एसडीएम के रीडर हैं। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और अपनी नौकरी को लिए गांव छोड़ दिया था। उनका सपना था कि बेटा शाहबाज इंजीनियर बने, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शाहबाज को क्रिकेट से प्यार था और उन्होंने इसे ही चुना।
दादा भी खेलते थे क्रिकेट
शाहबाज के खून में क्रिकेट उनके दादाजी से आया। अहमद जान के पिता को भी क्रिकेट का शौक था। मेवात में क्रिकेट के लिए ज्यादा सुविधाएं नहीं थीं। उनका गांव पढ़ाई-लिखाई के लिए जाना जाता है। वहां डॉक्टर-इंजीनियर की संख्या ज्यादा है। यहां तक कि शाहबाज की छोटी बहन फरहीन डॉक्टर हैं और फरीदाबाद के एक अस्पताल में ट्रेनिंग कर रही हैं। शाहबाज के पिता चाहते थे कि उनका बेटा इंजीनियर बने। इसके लिए फरीदाबाद के कॉलेज में उनका एडमिशन भी कराया।
इंजीनियरिंग कॉलेज में नहीं लगा मन
पिता ने इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन तो करा दिया, लेकिन शाहबाज का मन पढ़ाई में नहीं लगता था। वे क्रिकेट के लिए क्लास छोड़ देते थे। पिता को इसकी जानकारी कॉलेज से मिली। इस पर पिता अहमद जान ने बेटे से बात की। उन्होंने शाहबाज को कहा कि वे क्रिकेट या इंजीनियरिंग में से किसी एक चुने, लेकिन उसी चीज पर मन लगाए। पिता के कहने के बाद शाहबाज ने क्रिकेट को चुना।