- रोबोटिक्स, डेटा साइंस और बायोटेक्नोलॉजी की प्रैक्टिकल सीख के साथ प्रोजेक्ट पर करेंगी काम
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बादशाहपुर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की तीन छात्राओं लक्ष्मी शर्मा, नरगिस और सृष्टि का चयन प्लाक्षा यूनिवर्सिटी के यंग टेक्नोलॉजी स्कॉलर्स (वाईटीएस+) प्रोग्राम के लिए हुआ है। तीनों छात्राओं को दो सप्ताह के रेसिडेंशियल समर प्रोग्राम के लिए 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप मिली है। कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को विश्वविद्यालय परिसर में रहकर तकनीक के विभिन्न क्षेत्रों को प्रैक्टिकल तरीके से समझने और प्रोजेक्ट तैयार करने का अवसर मिलेगा।
प्रोग्राम के दौरान छात्राओं को रोबोटिक्स, डेटा साइंस और बायोलॉजी-टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों से परिचित कराया जाएगा। किताबों तक सीमित पढ़ाई के बजाय उन्हें प्रयोग, प्रोजेक्ट और टीमवर्क के माध्यम से सीखने का मौका मिलेगा। फैकल्टी और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की मेंटरशिप में छात्राएं अपनी सोच को प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करेंगी और वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्याओं के समाधान तलाशेंगी।
तीनों छात्राओं का चयन हरियाणा सरकार की उद्यमिता पहल कुशल बिजनेस चैलेंज (केबीसी) में भाग लेने के बाद हुआ। यह कार्यक्रम उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के सहयोग से चलाया गया था। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में नई सोच, समस्या समाधान और कुछ नया करने की क्षमता विकसित करना था। इसी दौरान सीखने की इच्छा, जिज्ञासा और रचनात्मक सोच रखने वाले विद्यार्थियों की पहचान की गई।
समस्याओं के समाधान तलाशने के लिए प्रेरित-
उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के संस्थापक एवं सीईओ मेकिन माहेश्वरी ने कहा कि प्रैक्टिकल तरीके से सीखने के अवसर विद्यार्थियों को केवल थ्योरी तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें प्रयोग करने और समस्याओं के समाधान तलाशने के लिए प्रेरित करते हैं। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को ऐसे अवसर मिलने से उनके सामने आगे बढ़ने के नए रास्ते खुलते हैं। तीनों छात्राओं का चयन सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को तकनीक, प्रोजेक्ट आधारित सीख और विशेषज्ञों की मेंटरशिप से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे छात्राओं को अपनी रुचि के क्षेत्रों को समझने और भविष्य के करियर के लिए बेहतर तैयारी करने का अवसर मिलेगा।