निर्माण कार्य से यातायात प्रभावित होने के कारण किया गया बदलाव
कॉरिडोर में सीधे आने वाले अंडरपास बनेंगे और अन्य बाद में
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के साथ छह अंडरपास (ग्रेड सेपरेटर) के बजाय अब दो का निर्माण कराने की योजना है। मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-नौ तक पहले चरण में बख्तावर चौक और सेक्टर-नौ से साइबर सिटी तक दूसरे चरण में बजहेड़ा चौक पर अंडरपास का निर्माण कराने की योजना है। अन्य अंडरपास मेट्रो के निर्माण के बाद होंगे।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की ओर से मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 28.5 किलोमीटर मेट्रो रूट का निर्माण किया जाना है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी से सेक्टर नौ तक सिविल वर्क चल रहा है। निर्माण कंपनी ने पाइल टेस्टिंग और पिलर निर्माण के लिए सड़कों पर बैरिकेडिंग करा दी है। कंपनी का काम चल रहा है और इसमें तेजी लाई जाएगी। पहला चरण बख्तावार चौक मेट्रो के मेन कॉरिडोर में पड़ रहा है। ऐसे में इसका निर्माण मेट्रो के साथ कराने में स्थानीय यातायात ज्यादा प्रभावित नहीं होगा। यहां पर अंडरपास और मेट्रो का पिलर एक होगा।
दूसरे चरण में सेक्टर नौ से साइबर सिटी कॉरिडोर में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के पांच अंडरपास का निर्माण जीएमआरएल को मिला है। जीएमडीए और जीएमआरएल की टीम अंडरपास के निर्माण को लेकर मौका मुआयना कर चुकी है। जीएमआरएल के एक अधिकारी ने बताया कि पुराने शहर के पांच में से चार अंडरपास मेट्रो कॉरिडोर में नहीं आ रहे हैं। बजहेड़ा चौक को छोड़कर अन्य चौक मेट्रो अलाइमेंट से कुछ दूरी पर हैं। ऐसे में अंडरपास और मेट्रो निर्माण का कार्य होने से इस एरिया का यातायात काफी प्रभावित होगा और लोगों को परेशानी होगी। ऐसे में मेट्रो के साथ वहीं अंडरपास का निर्माण किया जाए जो सीधे मेट्रो कॉरिडोर में आ रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि हाल में इस पर एक उच्चस्तरीय बैठक में इस बात की सहमति बनी कि पूरे कॉरिडोर में बख्तावर चौक और बजहेड़ा चौक पर ही पहले अंडरपास का निर्माण कराया जाए।
इन जगहों पर बनने हैं अंडरपास
सेक्टर 3ए/4/5 में रेलवे रोड चौक, सेक्टर-5 जंक्शन से शीतला माता रोड (वन वे), बजघेड़ा रोड (कृष्णा चौक), रेजांगला चौक, पुरानी दिल्ली रोड जंक्शन और बख्तावर चौक पर अंडरपास बनने हैं। पांचों के निर्माण की अनुमानित लागत करीब 350 करोड़ रुपये है। सीएम की अध्यक्षता में हुई जीएमडीए बोर्ड की बैठक में इसे मंजूरी मिली हुई हैं।
मेट्रो का तर्क
पांच अंडरपास पुराने शहर में हैं। सेक्टर-5 चौक और शीतला माता चौक करीब एक किलोमीटर पर हैं। ऐसे में अंडरपास के लिए खुदाई से इस रोड का पूरा यातायात प्रभावित होगा। सड़क भी ज्यादा चौड़ी नहीं है। इसके बाद पालम विहार रोड पर बजहेड़ा चौक और इसके आगे दिल्ली रोड है। ऐसे में बड़े स्तर पर सीवर-पानी की लाइनों और शिफ्ट करने की जरूरत होगी। ऐसे में पुराने शहर का काफी यातायात प्रभावित होगा। ऐसे में बेहतर होगा कि जो अंडरपास मेट्रो कॉरिडोर में पड़ रहे हैं, उन्हीं पर पहले काम हो।
जीएमडीए का तर्क
जीएमडीए का कहना है कि मेट्रो के साथ काम होने से एक ही बार यातायात प्रभावित होगा। लोगों को एक ही बार असुविधा उठानी पड़ेगी। मेट्रो निर्माण के लिए पिलर के लिए खुदाई होगी और बाद में अंडरपास के लिए खुदाई फिर करानी होगी इसलिए एक ही साथ दोनों कार्य करा दिए जाएं तो बेहतर होगा।