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Gurugram News: इमरजेंसी में नहीं रहेगी रक्त की कमी

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नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में जमा है 209 यूनिट रक्त
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रक्तदान से जुड़ीं संस्थाओं और लोगों से तैयार रहने का आह्वान


अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। इमरजेंसी में जिले में खून की कमी नहीं होगी। नागरिक अस्पताल में इस समय 209 यूनिट ब्लड है। जिला अस्पताल की ओर से रक्तदाताओं व रक्तदान से जुड़ीं संस्थाओं से आह्वान किया गया है कि आपातकालीन हालात होने पर वह रक्तदान के लिए तैयार रहें।
नागरिक अस्पताल में 800 से अधिक यूनिट खून संरक्षित करने की क्षमता है। यहां पर आम दिनों में 200 से साढ़े 450 यूनिट रक्त रखा रहता है। अलग-अलग ब्लड ग्रुप के हिसाब से रक्त को संरक्षित किया जाता है। 30 दिन से लेकर 90 दिन तक का संरक्षण होता है। रोजाना सुबह ऑनलाइन ब्लड बैंक में रखे रक्त का ब्योरा मुख्यालय तक दिया जाता है। इससे होने वाली खपत का पता चलता है। नागरिक अस्पताल की ओर से अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर रक्तदान शिविर लगाया जाता है। इससे रोजाना औसतन 35 यूनिट ब्लड एकत्रित होता है। जिला नागरिक अस्पताल की ओर से आवश्यकता पड़ने पर निजी अस्पताल में भी खून की आपूर्ति की जाती है। 1100 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से सरकारी फीस जमा कराया जाता है। यह पैसा माना जाता है कि रखे हुए रक्त के संरक्षण पर खर्च होता है।
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स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को दवा का अतिरिक्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। सरकारी अस्पतालों में 25 फीसदी स्टॉक बढ़ा दिया गया है। इससे पहले शुक्रवार को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू कर दिया था। सीएमओ डॉ. अल्का सिंह ने सभी सरकारी व निजी अस्पताल के पदाधिकारियों संग बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। उधर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने आपात स्थिति के मद्देनजर वॉर रिलीफ टीम बना दी है। जिला अध्यक्ष डाॅ. अजय अरोड़ा ने बताया कि डीसी अजय कुमार और सीएमओ डाॅ. अलका सिंह के दिशा निर्देशानुसार जिले में अलग-अलग 50 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को वॉर टीम में शामिल किया गया है।



डॉक्टर खुद मौके पर करेंगे ब्लड डोनेट
जिलेभर के आईएमए से जुड़े एक हजार से ज्यादा डॉक्टरों की ब्लड ग्रुप डिटेल ली गई है। अगर जरूरत पड़ती है तो सभी डॉक्टर मौके पर जख्मी लोगों को ब्लड डोनेट करेंगे। जिले के लिए अन्य डॉक्टरों से भी संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी 20 प्रतिशत बेड रिजर्व किए गए हैं, लेकिन जरूरत पड़ती है तो प्राइवेट अस्पताल इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर देंगे। इतनी ही एम्बुलेंस स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दी जाएगी। वहीं, आपात स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व 20 फीसदी बेड को स्वास्थ्य विभाग ने अपनी निगरानी में ले लिया है। जिला सिविल अस्पताल में आज विशेष वार्ड भी बनाया जाएगा, जिसमें 20 बेड रिजर्व किए जाएंगे।
सीएमओ डॉ. अलका सिंह ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को त्वरित और प्रभावी स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए सभी संसाधनों को तैयार अवस्था में रखा जाए। उन्होंने सभी अस्पतालों को निर्देशित किया कि दवाइयों, रक्त की उपलब्धता, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन सप्लाई और चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।सीएमओ ने सभी अस्पतालों को आपस में समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश देते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों से अपील की कि वे जनहित में पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सजग एवं सतर्क रहें। निजी अस्पतालों से आह्वान किया है कि वे इन निर्देशों की अपने संस्थान में पालना सुनिश्चित करें।
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वर्जन
किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति से निपटने की सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। सभी लोगों के साथ दो बार समन्वय बैठक हो चुकी है। - डाॅ. अल्का सिंह, सीएमओ, गुरुग्राम।
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