गुरुग्राम। कोरोना के मरीजों की संख्या जैसे-जैसे बढ़ रही है, स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की पोल भी खुल रही है। स्थिति यह है कि अब कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए न तो पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस उपलब्ध हैं और न ही अस्पतालों में जगह ही बची है। विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जिले में मुश्किल से 450 मरीजों के इलाज की व्यवस्था है और मरीजों की संख्या 800 को पार कर चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों से संबंधित जो जानकारियां उच्च स्तर पर दी हैं, उसके मुताबिक जिले में 4 डेडिकेटेड कोविड अस्पताल हैं। इनमें भी मरीजों की संख्या लगभग पूरी हो चुकी है और अब नए संक्रमितों को भर्ती करने के लिए जगह ही नहीं बची है। इन अस्पतालों में पार्क अस्पताल, मानेसर स्थित मीडोर अस्पताल, सेक्टर-9 ईएसआई अस्पताल व एसजीटी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
वहीं, अब तक जो इलाके संक्रमण से बिल्कुल अछूते थे, वहां भी कोरोना का वायरस पहुंच चुका है। रविवार को सामने आए कोरोना के 97 मरीजों में से कई उन इलाकों के निवासी हैं, जहां कोरोना की पहुंच नाम मात्र थी। होम आइसोलेशन संबंधी दिशानिर्देश जारी किए जाने के बाद मरीजों की संख्या और बढ़ गई है।
सिर्फ मई माह में आ चुके हैं 717 मरीज
मई माह में ही कोरोना के 717 नए मरीज सामने आ गए, जिससे स्पष्ट है कि स्वास्थ्य विभाग कम्युनिटी ट्रांसमिशन को रोकने में नाकाम साबित हुआ है। दिनोंदिन इतनी तेजी से कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है कि उनके संपर्क में रहने वाले कोरोना संदिग्धों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। नमूने लेकर जांच रिपोर्ट आने तक में जब तक कोरोना संक्रमित की पहचान होती है, तब तक वह और न जाने कितने लोगों को संक्रमित कर चुका होता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग की लिस्ट में जो इलाके सुरक्षित माने जा रहे थे, वहां भी अब कोरोना पहुंच चुका है।
ये है विभाग की तैयारी
डेडिकेटेड कोविड अस्पताल - 4
आइसोलेशन बेड की संख्या - 217
सपोर्टेट बेड की संख्या - 145
आईसीयू बेड की संख्या - 64
वेंटिलेटर की संख्या - 29