शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को बच्चों पर दबाव न बनाने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा विद्यालय शिक्षा वोर्ड कक्षा दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट मई के बीच तक आने की उम्मीद है। इससे पहले ही गुरुग्राम में छात्रों का तनाव कम करने के लिए स्कूलों में काउंसिलिंग कराई जाएगी। रिजल्ट के समय कई छात्र घबराहट और दबाव महसूस करते हैं। इसी को देखते हुए स्कूलों में ऐसे सत्र होंगे जहां बच्चों को समझाया जाएगा कि घबराने की जरूरत नही है। साथ ही बताया जाएगा कि कैसे सकारात्मक सोच रखनी है।
हर साल देखा जाता है कि कई छात्र अपने नंबरों को लेकर चिंता में आ जाते हैं। खासकर वे छात्र जिन्हें अपने रिजल्ट को लेकर डर रहता है। शिक्षा विभाग ने अभिभाावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर बेवजह दबाव न डाले। उनकी तुलना दूसरे बच्चों से न करें, बल्कि उनका हौसला बढ़ाए। घर का अच्छा माहौल बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और वे बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं। शिक्षक किशोर ने बताया कि कम अंक आना असफलता नही है। जीवन में आगे बढ़ने के कई मौके होते हैं। छात्रों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार आगे की पढाई और करियर की योजना बनानी चाहिए। सही मार्गदर्शन मिलने पर छात्र किसी भी मुश्किल से बाहर निकल सकते है।
शिक्षिका मनीषा ने बताया कि रिजल्ट से पहले कई छात्र मानसिक दबाव में रहते हैं रिजल्ट को केवल अंकों तक सीमित करके देखना सही नहीं है। यह समय छात्रों के लिए अपने करियर को समझने और सही दिशा चुनने का होता है। काउंसिलिंग सत्रों के जरिए बच्चों को यह बताया जाएगा कि उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौन-से विकल्प बेहतर रहेंगे।