एनआईटी-1 की मुख्य सड़क के चौराहे को पत्थर रखकर किया बंद, पीक आवर्स में लगता है जाम
जाम और गंदगी की समस्या से परेशान एनआईटी-1 के व्यापारी मार्केट संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के एनआईटी-1 मार्केट में गंदगी और जाम की समस्या सामान्य हो गई है। अवैध रेहड़ियों के कारण परेशानियां और बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि चौराहे पर पत्थर रखकर अस्थायी समाधान का दावा किया गया लेकिन इससे स्थायी मुसीबतें बढ़ गईं। यह बातें बुधवार को संवाद कार्यक्रम में व्यापारियों ने कहीं। उन्होंने प्रशासन से समाधान की मांग की।
कालू चौधरी, श्यामलाल, अशोक कुमार, विजय यादव, दिनेश माटा एवं अन्य व्यापारियों ने बताया कि वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या सफाई व्यवस्था का ठप होना और जाम की है। मार्केट में सड़कों के बीचों-बीच जहां-तहां गंदे कागज और अन्य चीजें फैली हुई हैं। इससे ग्राहकों को बेहद परेशानी होती है। दुकानदारों ने कहा कि ऐसा ही रहा तो मार्केट में ग्राहकों की आवाजाही कम हो जाएगी।
इसके अलावा एनआईटी-1 की मुख्य सड़क पर स्थित चौराहे को पत्थर रखकर बंद कर दिया गया है। इस अस्थायी समाधान ने व्यापारियों के लिए स्थायी मुसीबत खड़ी कर दी है। इससे कारण वाहनों को दूसरी ओर जाने के लिए लंबा चक्कर काटना पड़ता है। इसके चलते पीक आवर्स में वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। व्यापारियों ने कहा कि पुलिस वेरिफिकेशन या अनुमति के बिना ही धड़ल्ले से रेहड़ियां लगाई जा रही हैं। ये रेहड़ियां न केवल पैदल चलने वालों का रास्ता रोकती हैं, बल्कि सड़क की चौड़ाई को आधा कर देती हैं। व्यापारियों ने कहा कि इसका समाधान भी प्रशासन को जल्द से जल्द करना चाहिए ताकि वह आसानी से व्यापार कर सकें। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे। पत्थरों को हटाकर यातायात सुचारू करने के लिए ट्रैफिक सिग्नल या पुलिस बल तैनात किया जाए।
बातचीत
ऑनलाइन मार्केट के कारण पहले ही हमारा व्यापार प्रभावित हो रहा है। साथ ही जाम की समस्या भी है। -अशोक कुमार, व्यापारी
अवैध रेहड़ियों के कारण लगातार जाम लगा रहता है। बिना किसी वेरिफिकेशन के लोग यहां आकर रेहड़ियां लगा लेते हैं। -कालू चौधरी, मार्केट प्रधान
मार्केट में ना पार्किंग की कोई ठीक व्यवस्था है और ना ही जाम की स्थिति को संभालने के लिए पुलिसकर्मी। इस ओर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। -श्यामलाल, व्यापारी
अव्यवस्था के कारण पहले ही ग्राहकों की आवाजाही कम होती है। ऊपर से गंदगी ने समस्याएं और बढ़ा दी हैं। -सुशांत नौनिहाल, व्यापारी