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Gurugram News: सोसाइटी में दो दिन तक नहीं आई बिजली, डीजी के सहारे रहे 5000 परिवार

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सेक्टर-83 स्थित वटिका इंडिया नेक्सट ने निवासियों में बढ़ी नाराजगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-83 स्थित वटिका इंडिया नेक्सट सोसाइटी में 48 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इस दौरान करीब 5000 परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों में लगे इनवर्टर भी काम करना बंद कर चुके थे। लोग मजबूरी में डीजल जेनरेटर (डीजी) के सहारे रहे। इससे उनका खर्चा भी बढ़ गया।
निवासियों का कहना है कि लगातार डीजी पर निर्भर रहने से न केवल बिजली बिल बढ़ता है बल्कि शोर और प्रदूषण जैसी समस्याएं भी झेलनी पड़ती हैं। इस दौरान सोसाइटी के बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग सभी परेशान नजर आए। निवासी लगातार पावर हाउस और वटिका बिल्डर ऑफिस के चक्कर काटते रहे लेकिन समाधान दो दिन बाद मिल पाया। बिजली बहाल होने के बाद भी निवासियों ने ठोस समाधान की मांग की है, कोई गांरटी नहीं है बिजली आपूर्ति की।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि वटिका बिल्डर वर्षों पुरानी बिजली की तारों को बदलने पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लगातार दबाव बढ़ने के कारण बार-बार बिजली कटौती की समस्या खड़ी हो जाती है। लोगों का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदे हैं लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। भविष्य को देखते हुए निवासी बिल्डर और प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। वाटिका के निवासियों राज यादव, ब्रह्म प्रकाश यादव, रंजीत सिंह नय्यर, वासु, सुहास गौरव और मनमोहन ने बिजली कटौती पर आपत्ति जताई है। सरकार से अनुरोध किया है कि इस तरह की कटौती न हो, इसके लिए उचित कदम उठाए जाएं।

कोट्स
दो दिन तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। डीजी सेट पर निर्भर रहने से बिजली बिल में अत्यधिक वृद्धि हुई। - लोकेश यादव, वाटिका इंडिया नेक्सट


प्रशासन को चाहिए कि ऐसी स्थिति फिर से न हो, इसके लिए उचित व्यवस्था करें ताकि हजारों परिवारों को राहत मिल सके और जनजीवन सामान्य बना रहे। -प्रदीप राही, वाटिका इंडिया नेक्सट

बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं सभी परेशान रहे। इतना पैसा खर्च करके लोगों ने फ्लैट खरीदे हैं और यहां बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भी कमी है। -ओमवीर सिंह, वाटिका इंडिया नेक्सट
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बिल्डर से बातचीत
बिजली बाधित होने के बाद फॉल्ट का पता लगाने में काफी समय लग गया। सोसाइटी की लाइन में दो स्थानों पर फॉल्ट था, जिसे ठीक करने में तकनीकी टीम को काफी मेहनत और समय लगा। इस कारण लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा। -देवाशीश मुखर्जी, बिल्डर
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