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Gurugram News: दिल की कश्मकश वही पुरानी, एआई ने दी रफ्तार

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प्रपोज डे - पहले खत लिखकर करते थे प्रपोज, अब सेकेंड से मिल जाता है जवाब
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संवाद न्यूज एजेंसी

गुरुग्राम। पर्चियों से लेकर सेकेंड में भेजे गए मैसेज तक, प्रपोज करने का अंदाज समय के साथ पूरी तरह बदल गया है। कभी स्कूल-कॉलेज में चिट्ठियां लिखकर, दोस्तों के हाथों पर्चियां भिजवाई जाती थीं। जवाब आने में कई दिन लगते थे और धड़कनें उसी इंतजार में अटकी रहती थीं। आज आठ फरवरी प्रपोज डे पर हालात अलग हैं एक क्लिक, एक मैसेज और तुरंत जवाब मिल जाता है।



गुलाब की जगह इमोजी ने ली जगह



प्रपोज डे अब सिर्फ इजहार का दिन नहीं, बल्कि पसंद या नापसंद, ब्लू टिक और तुरंत जवाब की टेंशन का दिन बन गया है। युवाओं की प्लानिंग भी पहले से कहीं ज्यादा तेज और टेक्नोलॉजी पर निर्भर है। कैफे में मिलने की जगह वीडियो कॉल, गुलाब की जगह इमोजी और कार्ड की जगह इंस्टेंट रील्स ने ले ली है।
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युवा बताते हैं कि उनके समय में वेलेंटाइन का मतलब था कम साधन, ज्यादा भावनाएं। दिलचस्प यह भी है कि दोस्त अब कम सलाहकार रह गए हैं, उनकी जगह एआई मित्र ले रहे हैं क्या लिखें, कैसे लिखें, कब भेजें। प्रेमी जोड़ों से बातचीत में साफ झलकता है कि तरीके बदले हैं, लेकिन दिल की कश्मकश आज भी वैसी ही है बस रफ्तार बढ़ गई है।



मैं 2015 से रिश्ते में थी और 2024 में हमारी शादी हुई। पहले दोस्तों के जरिये छेड़छाड़ होती थी, आज वही शरारतें एआई के साथ व्हाट्सएप पर मुस्कुराती हैं। जमाना बदला, तकनीक बदली पर मेरे दिल की हर दिन, हर जन्म भावना वही है। - काजल गुप्ता
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हम 2022 में कॉलेज के दौरान मिले, साथ बैठे, आमने-सामने बातें कीं। आज दूरी है तो वीडियो कॉल पर भावनाएं साझा करते हैं। तकनीक आगे बढ़ेगी पर दिलों की निकटता, भरोसा और एक-दूसरे के लिए भावनाएं हमेशा वैसी ही रहेंगी। - अवंतिका पांडे
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