गुरुग्राम। मानसून से पहले नगर निगम शहर के सभी टूटे व खुले पड़े सीवरेज ढक्कन को दुुरुस्त करेगा। निगमायुक्त ने कनिष्ठ अभियंताओं को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। पार्षदों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान निगमायुक्त ने इस बारे में चीफ इंजीनियर को निर्देश दिया। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त मुकेश कुमार ने चीफ इंजीनियर को निर्देश दिए कि वे सभी मंडलों के इंजीनियरों को इस बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें।
निगमायुक्त ने बुधवार को जोन-1 व जोन-3 क्षेत्रों के निगम पार्षदों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सीवर मैनहोल की सफाई सुनिश्चित करवाई जाएगी। उन्होंने सीवरेज मैनहोल की सफाई के लिए ग्रैबर मशीन लगाने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने कहा कि बरसात के मौसम में विभिन्न अंडरग्राउंड सर्विसेज डालने वाली एजेंसियों को खुदाई की अनुमति न दें और जहां पर खुदाई की गई है, उसे संबंधित एजेंसी से ठीक करवाना सुनिश्चित करें।
चीफ इंजीनियर पर जरूरी सुविधाएं देने का जिम्मा
विज्ञापन के मामले में निगमायुक्त ने नगर निगम गुरुग्राम द्वारा स्वीकृत किए गए विज्ञापनों की सूची इनफोर्समेंट टीमों को मुहैया करवाने के निर्देश दिए। ये टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि विज्ञापन स्वीकृति के अनुरूप है या नहीं। नगर निगम गुरुग्राम के अधीन आए गांवों के बाहर बसे उसी गांव के लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निगमायुक्त ने चीफ इंजीनियर से कहा कि वे गांवों के बाहर ऐसे क्लस्टरों की पहचान करके उन्हें जरूरी सुविधाएं प्रदान करने का तरीका निकालें। यह मामला निगम पार्षद महेश द्वारा गांव बालियावास, बंधवाड़ी तथा ग्वाल पहाड़ी आदि क्षेत्र बारे बैठक में रखा गया था। इसके साथ ही निगमायुक्त ने जोन-3 क्षेत्र में विभिन्न विभागों की खाली पड़ी जमीनों की पहचान करके उनके अस्थाई उपयोग के बारे रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। इंटर विलेज कनेक्टिविटी नेटवर्क बनाने के लिए भी निगम अब काम करेगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की जमीनों पर अवैध रूप से बसाई गई झुग्गियों को हटाने के बारे जिला उपायुक्त को पत्र लिखा जाएगा, जिसमें नगर निगम सहयोग करेगा।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
बैठक में निगम पार्षदों ने स्ट्रीट लाइट, लंबित कार्यों को पूरा करवाने, मोबाइल टावर, वार्ड वार सीएफसी बनाने, सफाई कर्मचारियों के हाजरी प्वाइंट पर शेड, पेयजल एवं टॉयलेट बनाने, पेयजल आपूर्ति, गलियों के नंबर संबंधी साइन बोर्ड लगाने, पशु डेयरी की समस्या, अवैध कब्जे हटाने, रेनवाटर हारवेस्टिंग की मरम्मत, ऑटो मार्केट से मलबा उठाने, ओल्ड ज्यूडिशियल कांप्लेक्स का सौंदर्यीकरण, अवैध मीट शॉप संबंधी मामले रखे। निगमायुक्त ने कहा कि वार्डों से संबंधित मामले जहां तक संभव हो, संयुक्त आयुक्त के स्तर पर निगम पार्षदों के साथ आयोजित बैठक में हल हो जाने चाहिए। देवीलाल कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति के बारे में निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्राथमिकता के आधार पर 10 दिन में जीएमडीए से पेयजल कनेक्शन की स्वीकृति लें।