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हाई पावर कमेटी की प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह साफ नहीं

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गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे फ्लाईओवर के दौलताबाद के पास गिरे दो पिलरों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आ गई है जिसमें पूरी तरह से स्पष्ट नहीं किया गया है कि हादसा होने की वजह क्या रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की हाईपावर जांच कमेटी ने इन दो पिलरों के बीच सिगमेंट (स्लैब) सैट करने में लापरवाही के साथ-साथ मैकेनिक फॉल्ट और सिगमेंट के निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। इसलिए पिलर और सिगमेंट में इस्तेमाल किए गए मैटेरियल की प्रयोगशाला से जांच कराने की सिफारिश की गई है। तकनीकी और मैटेरियल दोनों की रिपोर्ट आने पर ही केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय की ओर से गठित की गई कमेटी विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी।
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नेशनल हाईवे दिल्ली के द्वारका से लेकर खेड़कीदौला तक एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रहा है। इसी साल 27-28 मार्च को दो पिलरों के बीच में सिगमेंट (स्लैब) सैट करने के दौरान दो पिलर गिर गए थे। इसी हादसे में वहां काम कर रहे तीन मजदूर घायल हो गए थे। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस मामले की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम बनाई थी। इसमें मैकेनिकल के साथ-साथ सिविल तथा अन्य विशेषज्ञों को शामिल किया गया था। टीम ने कई दिन तक स्थलीय जांच की थी।
करीब दो सप्ताह बाद निर्देश दिए थे कि क्षतिग्रस्त हिस्से को छोड़कर शेष हिस्से का निर्माण शुरू करा दिया जाए। जांच कमेटी के इसी निर्देश पर निर्माण शुरू हो गया था। डेढ़ महीने तक लॉकडाउन के कारण काम नहीं हो सका। अब कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार हुआ तो तेजी से निर्माण शुरू कराने के आदेश दिए गए। इसी बीच हाईपावर कमेटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आ गई है। जिसके आधार पर साइट पर पड़े मलबे के आधार पर पिलर तथा स्लैब की स्ट्रैंथ का पता कराने के लिए सैंपल लेबोरेटरी में भेज दिया है।
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नेशनल हाईवे के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकरण की जांच कई एंगल से हो रही है। सभी एंगल को देखने के बाद ही इस मामले की हाई पावर कमेटी रिपोर्ट पेश करेगी। दिल्ली से जयपुर, अलवर तथा अन्य बड़े शहरों की ओर जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए इस एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। इसका निर्माण पूरा होने पर वाहनों की स्पीड बड़ेगी। साथ ही समय की भी बचत होगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की हाईपावर कमेटी के निर्देश पर पिलर, स्लैब तथा अन्य स्थानों के मैटेरियल एकत्रित करके परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद तथा टीम के निर्देश मिलने पर ही इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल अन्य हिस्सों में फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है।
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- निर्माण जांभुलकर, परियोजना निदेशक नेशनल हाईवे, द्वारका एक्सप्रेसवे
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