90 एमएलडी पानी की गुणवत्ता को किया जाना है बेहतर, 33.88 करोड़ होंगे खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बहरामपुर सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) के शोधित पानी की गुणवत्ता में और सुधार किया जाएगा। 90 एमएलडी पानी की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए एजेंसी ने कार्य शुरू कर दिया है। इस पर करीब 33.88 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शोधित पानी की गुणवत्ता बढ़ने से इसका प्रयोग उद्योग समेत अन्य कार्यों में हो सकेगा।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से बहरामपुर में 120 एमएलडी का एसटीपी संचालित किया जा रहा है। अभी संयंत्र से 30 एमएलडी पानी दूसरे और तीसरे स्तर तक शोधित किया जा रहा है। जीएमडीए की योजना है कि बचे 90 एमएलडी पानी की गुणवत्ता को भी दूसरे और तीसरे स्तर पर शोधित किया जाए। जीएमडीए ने इस कार्य को एक कंपनी को सौंप दिया है। एजेंसी को 15 माह में कार्य पूरा करना है।
यमुना नहीं होगी दूषित
जीएमडीए के एसई प्रवीन कुमार ने बताया कि संयंत्र को अपग्रेड कराया जाना है। उन्होंने बहरामपुर के धनवापुर संयंत्र को भी इसी प्रकार अपग्रेड किया जा रहा है। अधिकारी ने पानी की गुणवत्ता बेहतर होने से इसका प्रयोग किसी भी कार्य में हो सकेगा। जीएमडीए ग्राउंड वाटर के दोहन को काम करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत सीवर के शोधित पानी के प्रयोग पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, एसटीपी के पानी को शोधित कर इंडस्ट्री को उपलब्ध कराने के साथ-साथ निर्माण कार्य के लिए दिया जा रहा है। जीएमडीए की योजना है कि एसटीपी के पानी की गुणवत्ता सुधारने से इसका प्रयोग अन्य कार्यों में इस्तेमाल करने में आसानी होगी। दूसरी ओर यदि पानी ड्रेनेज में छोड़ा जाएगा तो यमुना दूषित नहीं होगी। इसके अलावा जीएमडीए शहर में सीवर शोधित पानी बागवानी में प्रयोग करेगा।
धनवापुर संयंत्र भी अपग्रेड होगा
धनवापुर में मौजूदा 100 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का अपग्रेडेशन होगा। 75 एमएलडी क्षमता वाले तृतीयक उपचार संयंत्र लगाया जाएगा। इस पर करीब 51.30 करोड़ खर्च होंगे। इस संयंत्र में अभी 25 एमएलडी पानी का शोधन दूसरे और तीसरे स्तर तक की जा रही है। शेष पानी को भी इस स्तर पर शोधित किया जाना है। इस संयंत्र को भी अपग्रेड करने पर काम शुरू हो गया है। जीएमडीए ने कंपनी को तय समय में काम पूरा करने को कहा है। धनवापुर संयंत्र में पुराने शहर के सीवर पानी का शोधन होता है।