बुधवार शाम से लगभग 5 घंटे चली समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त ने दिए निर्देश
नंबर गेम -24 घंटे एसीपी रैंक के अधिकारी रहेंगे तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम पुलिसिंग में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है, जहां अब एसएचओ (थाना प्रबंधकों) की पोस्टिंग और मासिक मूल्यांकन सीधे जनता के फीडबैक, अपराध नियंत्रण और जांच की गुणवत्ता के आधार पर तय होगा। लापरवाही या दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। दोष सिद्ध होने पर थाना प्रबंधक सहित संबंधित स्तर की जवाबदेही तय की जाएगी
ये बातें पुलिस आयुक्त शिवास कबिराज ने बुधवार को देर रात तक एक विस्तृत अपराध समीक्षा बैठक के दौरान कहीं। इस बैठक में जिले के पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त और थाना प्रबंधकों सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। पुलिस आयुक्त ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य आमजन को सुरक्षित, संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि गुरुग्राम पुलिस की प्राथमिकता केवल अपराध के बाद कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि अपराध की रोकथाम, प्रभावी पुलिस मौजूदगी और जनता का विश्वास मजबूत करना भी है।
बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित अभियोगों का निस्तारण और रात्रिकालीन गश्त जैसे महत्वपूर्ण विषयों की गहन समीक्षा हुई। पुलिस विजिबिलिटी, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशा तस्करी और साइबर अपराध पर भी विस्तृत चर्चा की गई। यातायात व्यवस्था और आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस आयुक्त ने सभी अधिकारियों को जन-केंद्रित पुलिसिंग के लिए कई आदेश और दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी करेंगे निगरानी
प्रत्येक रात पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी विशेष गश्त की निगरानी करेंगे। पुलिस नियंत्रण कक्ष में 24 घंटे सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे। साथ ही पुलिस नियंत्रण कक्ष और आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन के प्रतिक्रिया समय की नियमित समीक्षा होगी। नशा तस्करों, आदतन और निगरानी योग्य अपराधियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी, और उनकी अवैध संपत्ति पर भी कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त बढ़ाई जाएगी। गुमशुदा बच्चों व महिलाओं के मामलों में तत्काल और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित होगी। साइबर अपराध की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए ठगी की धनराशि सुरक्षित कराने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर साइबर जागरूकता बढ़ाई जाएगी तथा सीसीटीवी कवरेज की नियमित समीक्षा होगी।
जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी
यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पुलिस और यातायात शराब नाकों पर बॉडी-वॉर्न कैमरा का अनिवार्य उपयोग होगा। जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित परिवहन भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक थाना बारिश, जलभराव, आगजनी और अन्य आपदाओं के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना तैयार रखेगा। अफवाहों की तत्काल पहचान कर तथ्यात्मक सूचना प्रसारित की जाएगी, और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई होगी। बीट अधिकारियों द्वारा स्थानीय नागरिकों और संस्थानों से नियमित संपर्क स्थापित किया जाएगा। सामुदायिक पुलिसिंग बैठकों के माध्यम से समस्याओं की समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि उत्कृष्ट गिरफ्तारी, अनुसंधान, त्वरित कार्रवाई और जनसेवा करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। और जनता की प्रतिक्रिया व प्रदर्शन के आधार पर प्रत्येक माह महीने का सर्वश्रेष्ठ थाना प्रबंधक चुना जाएगा। जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है और जनता की प्रतिक्रिया पुलिसिंग की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण पैमाना है। उन्होंने यह भी कहा कि सेवा, सुरक्षा और सम्मान को पुलिसिंग का मूल मंत्र बनाया जाए। गुरुग्राम पुलिस आमजन की सुरक्षा, सम्मान, विश्वास एवं बेहतर पुलिस सेवाओं के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।