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Gurugram News: कटे होंठ या तालु में दरार की समस्या वैज्ञानिक कारणों से जुड़ी, मिथ पर न जाएं

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नागरिक अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा, 2024 में 69 बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
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सौम्या गुुप्ता


गुरुग्राम। शिशुओं के कटे होंठ (होंठ या तालु में दरार) एक जन्मजात असामान्यता है। इसको लेकर समाज में विभिन्न तरह के मिथ प्रचलित हैं। डॉक्टरों के अनुसार यह समस्या पूरी तरह से वैज्ञानिक कारणों से होता है। गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के विकास में जब ऊपरी होंठ या तालु सही ढंग से नहीं जुड़ते तब यह समस्या देखी जाती है।



लंबे से चली आ रही बातें कि ग्रहण के समय चाकू चलाना, फटी हुई तोतई रंग की साड़ी पहनना या कुछ विशेष बातें लंबे समय से लोग इन मिथ को मानते आ रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। कटे होंठ की मुख्य वजह गर्भवती महिलाओं में एनीमिया, पोषण की कमी, पैसिव स्मोकिंग और समुचित देखभाल की कमी की वजह से होती है।
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वर्ष 2024 में जिले में ऐसे 69 बच्चों की सर्जरी की गई थी जिनके होंठ या तालु में दरार थी। इनमें से 44 लड़के और 25 लड़कियां शामिल थीं। समय पर उपचार और ऑपरेशन से इस समस्या का समाधान संभव है। लोगों को जागरूक होना चाहिए और मिथकों के बजाय चिकित्सा सलाह पर भरोसा करें जिससे समय पर इलाज कराकर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई जा सके।



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मुफ्त इलाज का प्रावधान

सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में कटे होंठ (क्लेप लिप) की समस्या से ग्रसित बच्चों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा है। डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. रश्मि बतरा ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को किसी झोलाछाप या बाबा के पास न ले जाएं। अस्पताल में जाकर सही समय पर उपचार करांए। साथ ही बच्चों में खून की कमी न हो, इसका विशेष ध्यान रखें ताकि सर्जरी में कोई बाधा न आए।


कटे होंठों की समस्या पूरी तरह से वैज्ञानिक कारणों की वजह से होती है। समय से इलाज कराकर इस समस्या का समाधान संभव है। जिले के नागरिक अस्पताल में इसके लिए मुफ्त इलाज की सुविधा है- डाॅ. अलका सिंह, सीएमओ, गुरुग्राम
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कटे होंठ एक जन्मजात स्थिति है जिसमें बच्चे के ऊपरी होंठ में दरार होती है। इसका इलाज संभव है और सर्जरी सबसे प्रभावी तरीका है, जो आमतौर पर 3 से 6 महीने की उम्र में की जाती है। समय पर इलाज से बच्चा सामान्य रूप से बोलने, खाने और मुस्कुराने में सक्षम हो जाता है।-डाॅ. प्रदीप कुमार सिंह, हेड कॉस्मेटिक और प्लास्टिक सर्जरी, आर्टेमिस
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