वन्य जीव सप्ताह का मुख्य कार्यक्रम आज, नमो वन में 750 पौधे लगाएंगे केंद्रीय मंत्री
पूनम
गुरुग्राम। वन्य जीव सप्ताह के मौके पर सुल्तानपुर राष्ट्रीय पक्षी उद्यान खोल दिया गया है। एक हफ्ते तक लोग नि:शुल्क पक्षी अभयारण्य में जलीय पक्षियों को देख सकेंगे। बुधवार को पहले दिन 300 सैलानी पहुंचे।
वन्य जीव सप्ताह का मुख्य कार्यक्रम बृहस्पतिवार को मानेसर में अरावली की पहाड़ियों पर स्थित राम मंदिर में आयोजित होगा। मुख्य अतिथि केंद्रीय वन पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव होंगे। कार्यक्रम में गुरुग्राम के सांसद और केंद्रीय सांख्यिकी और योजना मंत्री राव इंद्रजीत, वन पर्यावरण और उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह के अलावा वन पर्यावरण विभाग के आला अधिकारी, हरियाणा बायोडायवर्सिटी बोर्ड के चेयरमैन रणदीप जौहर भी होंगे। यह कार्यक्रम केवल वन्य जीव सप्ताह के साथ गुरुग्राम और नूंह में 10 हजार एकड़ में बनाई जाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी और निकोबार प्रतिपूर्ति योजना की रूपरेखा भी तय करेगा।
प्रतिपूर्ति योजना से छह जिलों के हरियाली बढ़ेगी
निकाेबार द्वीप समूह में 1044 वर्ग किलोमीटर की परियोजना के लिए करीब साढ़े आठ लाख पेड़ काटे जाने थे, इसकी क्षतिपूर्ति के लिए हरियाणा की 24 हजार हेक्टेयर भूमि में करीब 2.5 करोड़ पौधे रोपे जाने हैं। यह योजना केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव के सौजन्य से हरियाणा आई है। इससे हरियाणा हरा-भरा होगा। इसके लिए वन क्षेत्र के नियम बदले गए हैं। यह एक व्यापक योजना है, इसमें अरावली के साथ ग्रामीण पंचायती भूमि के पेड़ पौधे भी शामिल होने हैं। इसके तहत विलायती कीकर को हटाकर अरावली के मूल पौधों पर बल दिया जाना है। अरावली के मूल पौधों के संवर्धन के लिए केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव नर्सरी का उद्घाटन करेंगे। 750 पौधे भी लगाए जाने हैं। प्रतिपूर्ति योजना के तहत गुरुग्राम, नूंह, रेवाड़ी, नारनौल, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ में अरावली के पास पौधरोपण किया जाना है।
अरावली को पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी
अरावली को प्रदूषण से बचाने और वन्य जीवों की रक्षा के लिए ऊंची दीवार भी बनाई जानी है। जंगल सफारी के माध्यम से अरावली को पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी है। हालांकि इसका विरोध भी हो रहा है। वन और वन्य जीव विभाग अपने तरीके से इसकी रूपरेखा तय कर रहा है। पिछले दिनों हरियाणा के वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने पहले चरण में 2500 एकड़ में जंगल सफारी बनाए जाने की बात की थी।
7 अक्तूबर तक सुल्तानपुर राष्ट्रीय पक्षी उद्यान परिसर में सभी लोगों की एंट्री फ्री कर दी है। केवल विदेशियों को शुल्क देना होगा। कैमरा और शूटिंग की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। पिछले साल जो दरें तय की थीं, उसी दर से फोटोग्राफी और शूटिंग की अनुमति दी जाएगी।
- आरके जांगड़ा, वन्य जीव अधिकारी
अरावली के मूल पौधे तैयार करने के लिए नर्सरी शुरू की जा रही है। इसमें धौ, ढाक, सालार, पीलू, बेल, कतीरा आदि के पौधे तैयार होंगे। प्रतिपूर्ति योजना में इन पौधों को विभिन्न स्थलों पर लगाया जाएगा।
-राजकुमार, जिला वन मंडल अधिकारी