खाद्य आपूर्ति विभाग में चल रहा था कमिशन का खेल
कार्यालय में तैनात अन्य भी हैं एसीबी की जांच के घेरे में
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गरीब जनता के नाम पर आवंटित राशन के गोलमाल के मामले की जांच के घेरे में डिपो होल्डर के साथ अन्य भी आ सकते हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग में कार्यरत तीन लोगों के खिलाफ दर्ज मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से की जा रही है। एक आरोपी की जमानत याचिका भी नामंजूर हो गई है।
जिला खाद्य आपूर्ति विभाग में तैनात एक इंस्पेक्टर पर आरोप है कि वह जिले के सभी डिपो होल्डर से 10 प्रतिशत वसूली करता था। इसमें से पांच प्रतिशत जिले मे तैनात तत्कालीन अधिकारी लेता था।
जुलाई 2024 में गुरुग्राम में कार्यरत रहे डीएफएससी अनिल कुमार समेत तीन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। आरोप है कि मदनपुर गुरुग्राम के डिपो होल्डर से इन्होंने आई-फोन, घड़ी, एसी और 35 हजार कैश बैंक खाते में लिया हुआ है। 11 जुलाई 2024 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो गुरुग्राम को दी गई शिकायत के आधार पर 16 अप्रैल 2025 को गुरुग्राम में ही आरोपी अनिल कुमार डीएफएससी, विजय एएफएसओ व प्रेम पूर्ण निरीक्षक पर केस दर्ज किया है।
एसीबी को दी गई शिकायत में मदनपुरी गुरुग्राम के डिपो होल्डर रूपेश कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से जारी कमीशन के एवज में अधिकारियों को 10 प्रतिशत कमिशन में से रिश्वत दी जाती है। निरीक्षक प्रेम पूर्ण का दो प्रतिशत, विजय का 3 प्रतिशत और अनिल कुमार का 5 प्रतिशत हिस्सा लेते हैं। मार्च 2024 में उसके ऊपर दबाव बनाकर आरोपियों ने उससे एक लाख 21 हजार रुपये का आईफोन लिया हुआ है। कंपनी की घड़ी ली हुई है। घर पर एसी लगवाया हुआ है। 35 हजार रुपये लिए हुए हैं। इसी प्रकार सभी डिपो धारकों पर दबाव बनाकर वितरित राशन में गड़बड़ी कराई जाती है।
आरोप है कि हर महीने अधिकारी डिपो से मंथली लेते हैं। एएफएसओ विजय, निरीक्षक प्रेम पूर्ण और अनिल कुमार ने आपस में बांट लिया था। विजय ने उससे 35 हजार रुपये बैंक खाते में लिए हुए हैं। अप्रैल महीने में उसके राशन डिपो पर 1 हजार लोगों का राशन बंटता था लेकिन उसे 5 हजार लोगों का राशन जबरदस्ती जारी करते थे। सरकार ने जो राशन मशीनें दी हुई है उसमें अधिकारी फ्रॉड करवाते थे। कई फर्जी डिपो गुरुग्राम में चलाए जा रहे हैं। एक ही आदमी 4 से 5 डिपो खुद चलाता है।
जिला खाद्य आपूर्ति कार्यालय के कर्मचारी राडार पर
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की ओर से समय-समय समय डिपो होल्डर के खिलाफ कार्रवाई करके यहां पर व्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा करती रही है। एसीबी की ओर से अब तक मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की ओर से कार्रवाई पर नजर रख रही है। इसके साथ मुख्य आरोपियों के करीब रहने वाले लोगों पर भी नजर रखी जा रही है। एक रोहतक का रहने वाला कर्मचारी है उसकी लाइफ स्टाइल ब्रांडेड घडी, कपड़े व अन्य भी चर्चा का विषय बनी हुई है। जिसे देखकर उसकी आमदनी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
एसीबी की ओर से दर्ज मामले की जांच चल रही है। कार्यालय में तैनात अन्य लोगों की जांच चल रही है। एसीबी की ओर से कार्यालय रिकाॅर्ड लिए गए हैं। जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- आलोक मित्तल, महानिदेशक, एंटी करप्शन ब्यूरो , हरियाणा