- आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही पुलिस
- पैरोल पर जेल से बाहर आए पूर्व एनएसजी कमांडो की 30 अप्रैल की सुबह गोली मारकर की थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। कासन गांव में बृहस्पतिवार सुबह हुई पूर्व एनएसजी कमांडो सुंदर सिंह की गोलियां मारकर हत्या में आरोपी युवक अभी गिरफ्त से दूर हैं। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुंदर सिंह एनएसजी कमांडो था और गांव का ही बहादुर सिंह भी आर्मी से सेवानिवृत्त हुआ था। दोनों एक ही प्रोफेशन से होने के चलते उनके बीच अच्छी बातचीत थी। आर्मी से सेवानिवृत्त होने के बाद बहादुर सिंह कासन गांव का सरपंच बना था। वर्ष 2015 में बहादुर सिंह ने सुंदर सिंह से करीब दो करोड़ रुपये उधार ले लिए। तय समय के बाद जब सुंदर ने बहादुर से रुपये मांगे तो उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। 11 अप्रैल 2018 को सुंदर सिंह ने बहादुर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हत्या मामले में सुंदर सिंह उम्रकैद सजा काट रहा था। लेकिन बहादुर सिंह का बेटा रोहन अपने पिता की हत्या का बदला लेने की फिराक में था। पूर्व एनएसजी कमांडो अपनी बेटी की शादी के लिए 70 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया। ऐसे में रोहन ने पिता बहादुर सिंह की हत्या के करीब 8 साल बाद 30 अप्रैल की सुबह सुंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
अप्रैल 2018 में तीन लोगों ने सरपंच पर चलाई थी आठ गोलियां
रुपयों के लेन-देन मामले में हुए विवाद में पूर्व एनएसजी कमांडो सुंदर सिंह ने 11 अप्रैल 2018 की शाम करीब 8.30 बजे अपने दो साथियों यशपाल मास्टर व रामपाल उर्फ रामू के साथ डेयरी में वारदात को अंजाम दिया था। सुंदर सिंह ने सरपंच बहादुर सिंह पर पहले गोली चलाई थी। इसके बाद रामपाल उर्फ रामू ने भी गोली मारी। घटना में कुल आठ गोलियां मारी गई थीं, जोकि बहादुर सिंह के सीने व पेट में लगी थीं। वारदात के कुछ देर के बाद आरोपी सुंदर सिंह ने आईएमटी मानेसर थाने पहुंचकर आत्म समर्पण कर दिया था व हत्या में प्रयोग की गई लाइसेंसी हथियार भी पुलिस को सौंप दिया था।
वर्जन
सुंदर सिंह की हत्या करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही मामले में संलिप्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- सुभाष, एसआई व जांच अधिकारी, आईएमटी मानेसर थाना