गले पर मिले दबाने के निशान, बिसरा भी जांच के लिए भेजा, शव परिजनों को सौंपा
गुरुग्राम। आईएमटी मानेसर थाने के अंतर्गत शंकर की ढाणी में 11 मई की रात को हत्या की गई थी। मामले में बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। डॉक्टरों के बोर्ड से कराए गए पोस्टमार्टम में गला दबाने से हत्या की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम कराने वाले डॉक्टरों के अनुसार मृत युवती के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम के बाद बिसरा भी जांच के लिए लैब में भेजा गया है, ताकि हत्या मामले में सही जानकारी मिल सके।
युवती की मौत के सही कारणों के लिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रही है। पुलिस हत्यारोपी देवेश कुमार को गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मृत युवती की पहचान रायबरेली (उत्तर प्रदेश) के हरदोई गांव निवासी सोनी (23) के रूप में हुई है। युवती का गला दबाकर हत्या करने का आरोप उसके ममेरे भाई देवेश पर लगा है। घटना के बाद ही वह भागा हुआ है। मृत युवती सोनी के भाई दलीप कुमार की शिकायत पर देवेश के खिलाफ आईएमटी मानेसर थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने परिवार वालों के बयान दर्ज किए गए तो सामने आया कि कुछ समय पहले सोनी के ममेरे भाई देवेश कुमार ने नौकरी लगवाने के बहाने उससे कोर्ट मैरिज के दस्तावेज पर साइन करवा लिए थे। इसके बाद से ही वह सोनी को परेशान कर रहा था। परिवार वालों ने बताया कि सोनी फिलहाल झज्जर जिले के मेट सिटी में द्रुत ट्रांसमिशन कंपनी में नौकरी के प्रशिक्षण के लिए आई हुई थी। दो अन्य युवतियों के साथ शंकर की ढाणी में रामपाल के घर में किराये के कमरे में रह रही थी। बताया जा रहा है कि देवेश भी आईएमटी मानेसर में आकर सोनी के कमरे के साथ वाला कमरा किराये पर लेकर रहने लगा था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि युवती भी अकसर देवेश से मिलने कमरे में जाती थी।
आरोपी देवेश कुमार को गिरफ्तार करने के बाद ही सोनी की हत्या के पुख्ता वजह के बारे में पता चल सकेगा। हत्यारोपी को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में विभिन्न बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है।
- सुरेंद्र, पीएसआई व जांच अधिकारी, आईएमटी मानेसर थाना