फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: हंगामेदार रही निगम सदन की बैठक

विज्ञापन
विज्ञापन
पार्षदों ने आयुक्त पर लगाए फोन न उठाने और फाइलें लंबित रखने के आरोप
विज्ञापन



अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम की सदन बैठक सोमवार को हंगामेदार रही। पार्षदों ने निगम आयुक्त पर फोन न उठाने और विकास कार्यों की फाइलें लंबित रखने के आरोप लगाए। सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में करीब दो घंटे तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। स्थिति बिगड़ती देख मेयर राजरानी मल्होत्रा ने खुद मोर्चा संभालते हुए सदन को शांत कराया।
हिपा में आयोजित निगम सदन की बैठक की अध्यक्षता मेयर राजरानी मल्होत्रा ने की। बैठक सुबह करीब 11:15 बजे शुरू हुई। एजेंडे पर चर्चा के दौरान अवैध पानी के कनेक्शनों और जलापूर्ति व्यवस्था का मुद्दा उठा। कई पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पानी सप्लाई की समस्याएं सामने रखीं। पार्षदों ने कहा कि ट्यूबवेल संचालित करने के लिए पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं और मोटर खराब होने पर उन्हें ठीक होने में दो से तीन दिन लग जाते हैं। इस पर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि इसके समाधान के लिए वेयरहाउस बनाया जा रहा है और तकनीक की मदद से ट्यूबवेल संचालन को बेहतर किया जाएगा।
विज्ञापन

इसी दौरान पार्षद नारायण भड़ाना ने गांवों में पानी सप्लाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध कराए जाएं तो ट्यूबवेल संचालन सुचारु हो सकता है। इस पर आयुक्त ने कहा कि अतिरिक्त मैनपावर उपलब्ध कराना मुश्किल है और तकनीकी समाधान पर जोर दिया जा रहा है।
इसके बाद पार्षदों ने मेंटेनेंस व्यवस्था को लेकर निगम प्रशासन पर सवाल उठाए। नारायण भड़ाना ने आरोप लगाया कि निगम आयुक्त उनका फोन नहीं उठाते और व्हाट्सएप संदेशों का भी जवाब नहीं देते। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र की 10 से 12 विकास कार्यों की फाइलें निगम में लंबित हैं।
आयुक्त प्रदीप दहिया ने जवाब देते हुए कहा कि पार्षद कार्यालय आकर भी मुलाकात कर सकते हैं। इस पर भड़ाना ने कहा कि एक ओर तकनीक के इस्तेमाल की बात की जाती है और दूसरी ओर कार्यालय आने को कहा जाता है।
कुछ अन्य पार्षदों ने भी अभियंताओं द्वारा फोन न उठाने की शिकायत की। इस पर आयुक्त ने कहा कि उनकी टीम शहर के विकास कार्यों में लगी हुई है और कई पार्षदों के कार्य पूरे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई अभियंता फोन नहीं उठाता है तो उसकी लिखित शिकायत दी जाए, कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच पार्षद दिलीप साहनी ने कहा कि उन्होंने एक जेई को कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद सदन में माहौल और गर्म हो गया तथा दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि बैठक स्थगित करनी पड़ सकती है।
स्थिति को संभालते हुए मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि सभी पार्षदों की बात सुनी जाएगी और वे व्यक्तिगत रूप से भी उनसे मिल सकते हैं। करीब दो घंटे की चर्चा के बाद केवल एक एजेंडा ही पारित हो सका। बाद में मेयर ने लंच ब्रेक की घोषणा की।
विज्ञापन




मेयर ने संभाला मोर्चा
सदन में पार्षदों और अधिकारियों के बीच बढ़ते विवाद के दौरान मेयर राजरानी मल्होत्रा ने हस्तक्षेप करते हुए सदन को शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि नगर निगम शहर को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सहित सड़क,पानी समेत अन्य समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। मेयर ने कहा कि किसी भी पार्षद को यदि कोई समस्या है तो वह सीधे उनसे मिल सकता है। उन्होंने पार्षदों से सदन की गरिमा बनाए रखने और अपनी बात शांतिपूर्वक रखने की अपील की। इस दौरान पार्षद दिलीप साहनी ने मेयर से कहा कि चर्चा एजेंडे तक सीमित रखी जाए। लंच के बाद मेयर ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मेयर को बोलने से नहीं रोका जा सकता। इसी बीच पार्षद अनूप और दिलीप साहनी के बीच भी कहासुनी हुई। बाद में दिलीप साहनी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मेयर का अनादर करना नहीं था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें