कुछ दिनों से बावल के गवर्नमेंट कॉलेज परिसर और आसपास देखी जा रही थी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। वन्य जीव विभाग की टीम ने दिवाली की रात एक मादा तेंदुए को रेस्क्यू कर मानेसर स्थित अरावली के जंगल में छोड़ दिया। यह चार साल की मादा तेंदुआ पिछले कुछ दिनों से बावल के गवर्नमेंट कॉलेज परिसर और आस-पास देखी जा रही थी। सीसीटीवी फुटेज में तेंदुए को देखकर कॉलेज प्रशासन ने वन विभाग से संपर्क किया। वन विभाग की टीम ने दो दिन पहले वहां जाल लगाया था। सोमवार की दोपहर मादा तेंदुआ जाल में आ गई। इसकी जांच के बाद उसे मानेसर में लाकर अरावली के जंगल में मुक्त कर दिया गया।
वन्य जीव अधिकारी आरके जांगड़ा ने बताया कि बावल के कॉलेज के सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए को देखकर कॉलेज प्रबंधन सकते में आ गया था। हालांकि बावल के कॉलेज के पास जंगल नहीं है। यहां आस-पास तेंदुओं के होने की संभावना नहीं है। संभव है कि यह मादा तेंदुआ कहीं से भटककर आ गई हो। रेस्क्यू टीम द्वारा पकड़े जाने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने राहत की सांस ली है। वन्य जीव रेस्क्यूअर अनिल गंडास ने बताया कि दो दिनों तक बावल काॅलेज में कैंप करने के बाद हम तेंदुए को रेस्क्यू करने में सफल रहे। उसे उसके प्राकृतिक रिहाइश में वापस छोड़ दिया गया। पिछले दिनों तीन अक्तूबर को तीन साल का नर तेंदुआ मानेसर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर आठ स्थित एक औद्योगिक प्लांट में घुस आया था, जिसे पड़ोस के ग्रीन बेल्ट से रेस्क्यू कर अरावली में छोड़ा गया था।