बिजली चोरी करने पर निगम ने लगाया था 2.30 लाख रुपये का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बिजली चोरी पर लगे जुर्माने को गलत करार देने के निचली अदालत के फैसले को ऊपरी अदालत ने खारिज कर दिया। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश डॉ. गगन गीत कौर की अदालत ने दिया है।
बिजली निगम की तरफ से 13 अक्तूबर 2016 को तिगरा गांव निवासी रामबीर पर बिजली मीटर से छेड़छाड़ करने पर 2.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। जुर्माना राशि भरने के बाद उपभोक्ता ने अदालत में याचिका दायर की थी। सिविल कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बिजली चोरी पर लगे जुर्माने को गलत करार किया था और निगम को आदेश दिए थे कि वह उपभोक्ता से लिए गए रुपये को वापस करे।
इस फैसले को बिजली निगम ने ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी। ऊपरी अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद निचली अदालत के फैसले को पलटते दिया और कहा कि सिविल कोर्ट के पास बिजली चोरी पर लगे जुर्माने की सुनवाई करने का क्षेत्राधिकार नहीं है।