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- बेटिंग एप बैन होने की सूचना पर लगाया फंदा, पांच लाख रुपये हो गया था कर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आईएमटी मानेसर थाना के अंतर्गत बास कुशला गांव स्थित कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या करने के मामले में मृतक की पत्नी ने खुलासा किया है। पत्नी के अनुसार मूलरूप से पुरुलिया (पश्चिम बंगाल) के बुटीडीह गांव निवासी भूदेव महतो (मृतक) ने ऑनलाइन बेटिंग एप बंद होने की सूचना पर फंदा लगा लिया। वह जल्द पैसा कमाने की चाह में इसमें करीब पांच लाख रुपये डूबा चुका था। भूदेव मानेसर क्षेत्र में अपनी पत्नी प्रभाती महतो व दो बच्चों के साथ किराये के मकान में रह रहा था। आत्महत्या की घटना के वक्त भूदेव महतो घर पर अकेला था। नौकरी के करके वापस घर लौटी उसकी पत्नी को भूदेव फंदे से लटका मिला था।
पुलिस जांच में सामने आया कि शुक्रवार सुबह दोनों नौकरी पर जाने के लिए घर से निकले थे। प्रभाती के अनुसार भूदेव उस दिन अपनी शिफ्ट खत्म होने से एक घंटे पहले शाम पांच बजे ही घर लौट आए थे। प्रभाती ने बताया कि वह करीब छह बजे अपनी शिफ्ट खत्म करके घर पहुंची तो दरवाजा बंद था। दरवाजा खोला तो उसे फंदे से लटके पाया। आईएमटी मानेसर थाने के निरीक्षक सत्यवान ने बताया कि भूदेव महतो के परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। आत्महत्या मामले में परिवार वालों की ओर से किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है। पुलिस जांच कर रही है।
छोटे दांव से लगा चस्का, बाद में बना दिनचर्या का हिस्सा
प्रभाती महतो के अनुसार उनके पति भूदेव महतो इसी साल अप्रैल से एक ऑनलाइन बेटिंग एप पर गेम खेल रहे थे। शुरुआत में छोटे-मोटे दांव लगाने से शुरू हुआ यह सिलसिला धीरे-धीरे उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गया। शुरुआत में छोटा-मोटा मुनाफा भी हुआ, जिसके बाद पति ने अपनी जमापूंजी का पांच लाख रुपये इसमें निवेश कर दिया। बाद में हार का सिलसिला बढ़ता गया और उनकी रकम डूबती चली गई। प्रभाती ने बताया कि हाल ही में सरकार ने ऑनलाइन बेटिंग एप पर प्रतिबंध लगा दिया तो उनकी रकम वापस पाने की संभावना पूरी तरह खत्म हो गई। इस आर्थिक और मानसिक दबाव ने उन्हें गहरे अवसाद में धकेल दिया। इसी वजह से पति ने यह कदम उठाया।