फरीदाबाद जेल से मिली थी गोली चलाने की सुपारी
गुरुग्राम। ताजनगर में प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में 10 दिन पूर्व गोली चलाने के लिए हमलावरों को फरीदाबाद जेल से सुपारी मिली थी। जेल में बंद गैंगस्टर कौशल जोनियावास के साथी शरद उर्फ काली व डांडी के कहने पर हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। हमलावरों को सिर्फ डीलर को डराने के उद्देश्य से गोली चलाने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस की गिरफ्त में आए दो बदमाशों से पूछताछ में हुए खुलासे के बाद पुलिस इसे गैंगवार का कारण मान रही है। पुलिस हमलावरों के तीसरे साथी का सुराग लगा रही है।
18 मई को हुई वारदात के बाद पुलिस की सीआईए फर्रुखनगर यूनिट ने मंगलवार रात को पटौदी इलाके से यूपी के गौतमबुद्धनगर के गांव मुकीमपुर सिवाड़ा निवासी आयुष को पटौदी इलाके से कट्टे के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने ताजनगर फायरिंग मामले में खुद की संलिप्तता की बात बताई। देर रात को ही सीआईए यूनिट ने वजीरपुर मोड़ से दूसरे साथी मोहित को भी दबोच लिया। पूछताछ में दोनों बदमाश ने बताया कि कौशल के भाई यशपाल की हत्या कालू द्वारा किए जाने के बाद फरीदाबाद जेल में बंद शरद उर्फ काली व डांडी के कहने पर उन्होंने फायरिंग की थी। प्रॉपर्टी डीलर को सबक सिखाने के लिए उन्होंने धमकी भरी पर्ची फेंकी थी। बदमाशों के साथ उनका तीसरा साथी भी था। सीआईए के मुताबिक हमलावरों के मोबाइल जब्त करने की कोशिश की जा रही है। मोबाइल के माध्यम से पता लगाया जाएगा की वे किस-किस के संपर्क में है।