वजीराबाद गांव में बने भवन को नगर निगम ने दिया है तोड़ने का नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) विशाल की अदालत ने गांव में बने अवैध भवन को तोड़ने पर रोक की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी। मनोहर लाल व अन्य ने अदालत में याचिका दायर कर कहा कि वजीराबाद गांव में बने उनके कमरे और टिन-शेड को तोड़ने का नगर निगम ने नोटिस दिया है। उनका कहना वे जमीन के मालिक हैं। 2002-03 में निर्माण किया गया था।
नगर निगम ने अदालत में दलील दी कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति के निर्माण किया है। निगम ने जुलाई 2024 में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उन्होंने नोटिस का कोई भी जवाब नहीं दिया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि याचिकाकर्ताओं के पास जमीन में हिस्सेदारी और कब्जे के दस्तावेज हैं लेकिन निर्माण के लिए कोई स्वीकृत नक्शा या वैधानिक अनुमति प्रस्तुत नहीं की गई।
इस मामले में अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अवैध निर्माण को अदालतें संरक्षण नहीं दे सकते और नगर निकाय अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं। अदालत ने माना कि सार्वजनिक हित में अवैध निर्माण हटाना आवश्यक है। इस स्थिति में संतुलन की सुविधा निगम के पक्ष में है।