फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: बदले सिलेबस ने बढ़ाईं छात्रों और अभिभावकों की मुश्किलें

विज्ञापन
विज्ञापन
नौवीं की एनसीईआरटी की किताबें नहीं हैं उपलब्ध
विज्ञापन

स्वरांजलि
गुरुग्राम। नए सत्र की शुरुआत के साथ ही कक्षा नौवीं के छात्रों के सामने किताबों की कमी की समस्या खड़ी हो गई है। शहर के अधिकांश बुक स्टोर्स पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें उपलब्ध नहीं हैं, जिससे अभिभावक और छात्र दोनों परेशान नजर आ रहे हैं। स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है, लेकिन जरूरी किताबें न मिलने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में अभिभावकों की चिंता बढ़ रही है। दुकानदारों के अनुसार इस बार सरकार की ओर से अभी तक नई किताबें जारी नहीं की गई हैं। वहीं, कक्षा नौवीं के सिलेबस में भी बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसके कारण पुरानी किताबें अब उपयोग में नहीं लाई जा सकती हैं। ऐसे में सवाल यह बना हुआ है कि बिना किताबों के विद्यार्थी पढ़ाई कैसे करेंगे।



वहीं दूसरी तरफ अभिभावक रोजाना किताबों की तलाश में बाजार में भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें हर निराशा ही हाथ लग रही है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों ने पढ़ाई शुरू कर दी है, लेकिन किताबें न होने से बच्चों को काफी दिक्कत हो रही है।
विज्ञापन




वर्जन



अभी तक सरकार की ओर से नई एनसीईआरटी की किताबों की सप्लाई नहीं हुई है। ऊपर से नौवीं कक्षा की सभी किताबों का पाठ्यक्रम बदल दिया गया है, इसलिए पुरानी किताबों को रखना और बेचना भी ठीक नहीं है। ग्राहक रोज आ रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लग रही है। - वीणा जैन

बाजार में नए संस्करण की किताबें अभी तक नहीं आई हैं। सभी नौवीं की किताबों का पूछ रहे हैं। लेकिन हमें खुद नहीं पता कि किताबें कब तक आएंगी क्योंकि अभी तक कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिली है। सिलेबस बदलने की वजह से पुरानी किताबें भी काम की नहीं हैं। - अनिल
विज्ञापन

अभिभावक से बातचीत
सत्र शुरू हुए कई दिन हो चुके हैं, लेकिन किताबें नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पूरा सिलेबस बदल दिया है। इस वजह से बच्चे पुरानी किताबों का भी इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। - प्रेम



रोजाना दुकानों के चक्कर लगाने के बावजूद नौवीं की किताबें नहीं मिल पा रही हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। -सुमन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें