नौ प्रतिशत की ब्याज दर से पीड़ित को राशि लौटाने का उपभोक्ता आयोग ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बैंक में जमा पैसे न लौटाने पर उपभोक्ता आयोग ने बैंक को 58 हजार रुपये ब्याज सहित उपभोक्ता को लौटाने का आदेश दिया है। पीड़ित ने आयोग से शिकायत की थी कि बैंक में जमा उसके पैसों को निकालने के लिए उसने कई बार प्रबंधक से कहा था। इसके बावजूद उसे निकालने की सुविधा नहीं मिली। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के सदस्य खुशविंदर कौर ने दिया है।
मानेसर के कर्ण सिंह ढाणी निवासी दिलीप कुमार ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी की बस स्टैंड ब्रांच में 23 अक्तूबर 2018 से 23 अप्रैल 2020 तक के लिए 50 हजार बैंक खाते में जमा कराए थे। उन्होंने बताया कि उनकी राशि 2020 में ब्याज लगकर 58 हजार 150 रुपये हो गई थी। जब उन्होंने बैंक में जाकर पैसे निकालने की कोशिश की तो प्रबंधक ने कुछ दिन में रुपये जारी करने की बात कही। पीड़ित ने बताया कि कई बार बैंक के चक्कर के बाद भी उनके पैसे नहीं मिले। इस पर उन्होंने आयोग में याचिका दायर की। इस मामले में बैंक प्रबंधन की तरफ से आयोग में कोई भी दलील पेश नहीं की। आयोग ने दस्तावेज के आधार पर बैंक को आदेश दिया है कि वह 23 अप्रैल 2020 से 58 हजार 150 रुपये पर नौ प्रतिशत की ब्याज दर से शिकायतकर्ता को वापस करें। इस दौरान उन्हें हुई मानसिक परेशानी पर 10 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च के लिए पांच हजार रुपये देने का आदेश दिया है।