जिले के पांच स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित एंबुलेंस का बीमा नवीनीकरण पेंडिंग, नहीं हो पा रहा इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सेवाएं प्रशासनिक कारणों से प्रभावित हो रही है। विभाग की छह एंबुलेंस का बीमा न होने की वजह से ऐसे ही खड़ी हैं। इससे मरीजों को समय पर परिवहन सुविधा मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बीमा के बिना एंबुलेंस को सड़क पर चलाना नियमों के विरुद्ध है। सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए यह एंबुलेंस फिलहाल अस्पताल परिसर में ही खड़ीं हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक एंबुलेंस और अन्य व्यवस्थाओं के माध्यम से आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। साथ ही बीमा नवीनीकरण की प्रक्रिया भी जारी है।
पोर्टल में बदलाव बना बाधा, दो महीने से नहीं हो पाया बीमा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार एंबुलेंस के बीमा नवीनीकरण के लिए करीब दो महीने पहले ही मुख्यालय को पत्र भेज दिया गया था। बीमा कराने की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर पर ही पूरी की जाती है। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित पोर्टल में तकनीकी बदलाव और प्रक्रिया में संशोधन होने के कारण बीमा नवीनीकरण नहीं हो पाया।
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बीच रास्ते में दम तोड़ देती हैं एंबुलेंस
खराब टायरों के कारण एंबुलेंस बीच रास्ते में ही रुक जाती हैं। कई बार टायर पंचर हो जाते हैं या फिर उनकी हवा निकल जाती है। इससे मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं हो पाती। साथ ही आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
इन स्वास्थ्य केंद्रों पर एम्बुलेंस सेवा प्रभावित
-पीएचसी दौलताबाद
-पीएचसी गढ़ी
पीएचसी मंदपुरा
- पीएचसी वजीराबाद
- पीएचसी पटौदी
इसके अलावा सीएचसी फर्रुखनगर की एम्बुलेंस का बीमा भी आज खत्म हो रहा है।
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दो महीने पहले ही मुख्यालय को पत्र भेज दिया गया था। प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में मंजूरी मिल जाएगी, जिसके बाद बीमा कराकर एम्बुलेंस का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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डाॅ. आशीष त्यागी, नोडल अधिकारी, एंबुलेंस-आरटीएस विभाग