गुरुग्राम विवि में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 16 देशों से 300 से अधिक शोध विद्वान ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। कुलगुरु डॉ. कौशिक ने कहा कि भविष्य उसी का है, जो तकनीक को समाज के विकास से जोड़कर देखता है। अंतरराष्ट्रीय बुद्धिमता (एआई) केवल सुविधा नहीं बल्कि सामूहिक प्रगति का माध्यम है। उन्होंने युवाओं से कहा कि स्टार्टअप का लक्ष्य सिर्फ मुनाफा नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं का समाधान पैदा करना होना चाहिए। गुरुग्राम विश्वविद्यालय में डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट तथा सीएमयू के कॉलेज ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय पांचवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन अवसर पर यह बातें कुलगुरु डॉ. कौशिक ने कहीं। एआई के युग में उद्यमिता स्थिरता और सामाजिक नवाचार के प्रतिमान विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में 16 देशों से 300 से अधिक शोध विद्वान, संकाय सदस्य, छात्र और उद्योग से जुड़े प्रमुख अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन में काॅलेज विद्यार्थियों को भी एआई के क्षेत्र में स्टार्टअप पर जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. वीके मल्होत्रा, कार्यक्रम अध्यक्ष कुलगुरु डॉ. संजय कौशिक और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। सम्मेलन के लिए 156 से अधिक रिसर्च पेपर प्राप्त हुए। डॉ. अमरजीत कौर ने सम्मेलन के उद्देश्यों और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि प्रो. मल्होत्रा ने कहा कि विश्वविद्यालयों को नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक उत्तरदायित्व के केंद्र के रूप में आगे बढ़ना होगा। अंत में कुलगुरु ने सम्मेलन की सफल मेजबानी के लिए प्रबंधन विभाग की टीम को बधाई दी।