दोस्त के साथ मिलकर दिया था वारदात को अंजाम
आरोपी रवि से डेटिंग एप पर हुई थी मुलाकात
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। डेटिंग एप पर दोस्ती कर ट्रांसजेंडर की अश्लील वीडियो और अपने साथियों के साथ मिलकर नकली सीबीआई अधिकारी बनकर लाखों रुपये ठगने के मामले में आरोपी रवि को अदालत ने जमानत दे दी है। अदालत ने आरोपी रवि को 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश तरुण सिंगल की अदालत ने दिया है। ट्रांसजेंडर का आरोप है कि रवि उससे नए फोन और नौकरी दिलवाने का दबाव बनाता है। इस मामले में पीड़िता की तरफ से घटना के 20 दिन बाद मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले में नकली अधिकारी बनकर आए रवि और मुकेश अभी गिरफ्तार नहीं हुए है।
पालम विहार निवासी ट्रांसजेंडर ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात रवि से एक डेटिंग एप पर हुई थी। इसके बाद एक मई को वह उसे एक होटल के कमरे पर ले गया था। वहां पर उसने बिना उसकी सहमति के अश्लील वीडियो बना ली। इसी दौरान कमरे के गेट को बजाने की आवाज हुई। रवि ने गेट खोला तो दो आदमी कमरे के अंदर आ और अपने आप को सीबीआई और नारकोटिक्स विभाग से बताते हुए रवि से पूछताछ करनी शुरू कर दी। जब पीड़िता ने जाने की कोशिश की तो दोनों युवकों ने उसे जाने नहीं दिया और उसका फोन भी छीन लिया। आरोप है कि महिला ने मदद के लिए शोर किया लेकिन कोई नहीं आया। इसी दौरान उन्होंने उसके साथ मारपीट करने लगे। अधिकारी बनकर आए दोनों ने रवि से आठ लाख रुपये की मांग की। इसके बाद उन्होंने जबरदस्ती उसके बैंक अकाउंट से रवि के अकाउंट में 2.90 लाख रुपये डाल दिए। आरोप है कि वह ट्रांसजेंडर और रवि को गाड़ी में बैठाकर एमजी रोड के एटीएम मशीन पर ले गए और 1.05 लाख रुपये निकलवाए। इसके बाद वह उसे इफको चौक पर छोड़कर चले गए। जांच में खुलासा हुआ कि अधिकारी बनकर आए दोनों लोग रवि के ही दोस्त है। आरोपी रवि को पुलिस ने 27 मई को गिरफ्तार किया था।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी रवि और पीड़िता के बीच पहले भी पैसों का लेनदेन हुआ है। एटीएम से पैसे निकालने के दौरान वहां पर खड़े सुरक्षाकर्मी को भी कुछ नहीं बताया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी रवि को जमानत दे दी है।