अपवचन शाखा ने फर्मों की पहचान कर जांच में शामिल होने का नोटिस दिया
नंबर गेम -200 करोड़ की वसूली में जुटी टीम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) की अपवचन शाखा ने फर्जी इनवॉइस (बिल) के जरिये 200 करोड़ रुपये की भारी टैक्स चोरी का पर्दाफाश किया है। विभाग अब इस पूरी राशि की वसूली के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई में जुट गया है।
जांच के दौरान विभाग ने ऐसी 29 बोगस कंपनियों की पहचान की है, जो बिना किसी वास्तविक माल या सेवा के केवल कागजी लेन-देन कर रही थीं। इन फर्जी कंपनियों के जरिये बड़े पैमाने पर अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाया गया। सीजीएसटी की टीमें अब इन कंपनियों के साथ कारोबार करने वाली अन्य फर्मों के वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। जांच में शामिल होने के लिए कई संदिग्ध फर्मों को नोटिस जारी किए गए हैं।
इस मामले में विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो बोगस कंपनियों के निदेशक, एक पूर्व निदेशक और दो चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस रैकेट में शामिल कुछ और बड़े नामों का खुलासा होने की उम्मीद है। विभाग का मुख्य लक्ष्य जल्द से जल्द 200 करोड़ रुपये की कर चोरी को सरकारी खजाने में वसूल करना है।
फर्जी इनवॉइस का जाल
फर्जी इनवॉइस का उपयोग कर चोरी के लिए एक सामान्य तरीका बन गया है। इसमें कंपनियां बिना किसी वास्तविक व्यापारिक गतिविधि के केवल कागजों पर लेन-देन दिखाती हैं। इससे वे सरकार को देय कर से बच जाती हैं। यह न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाता है बल्कि ईमानदार करदाताओं के लिए भी अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करता है। सीजीएसटी विभाग इस तरह के जालसाजी पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।
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वसूली अभियान के तहत सीजीएसटी की टीमें संबंधित फर्मों से संपर्क कर रही हैं। उन्हें बकाया राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। यदि फर्म सहयोग नहीं करती है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की धोखाधड़ी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। -कर्ण सिंह, सहायक आयुक्त, कर अपवंचन, सीजीएसटी, गुरुग्राम।