भाजपा के प्रदेश कार्यालय गुरुकमल में आयोजित ओडिशा उत्कल दिवस में शामिल हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। एक अप्रैल 1936 को भारत का पहला भाषा के आधार पर बना राज्य ओडिशा था। राजनीतिक प्रभावों के चलते भारतीय शिक्षण संस्थानों की पुस्तकों में मुगलों को तो पढ़ाया गया, लेकिन उत्कल, कलिंग, जगन्नाथ के विषय को पुस्तकों में स्थान नहीं दिया गया। यह बात भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कही।
वह सोमवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय गुरुकमल में ओडिशा उत्कल दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। ओडिशा के एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय राजनीति में बड़ा चेहरा बन चुके संबित पात्रा ने हिंदी और ओडि़शी भाषा में संबोधन करके श्रोताओं का दिल जीत लिया। उन्होंने अपने धार्मिक, आध्यात्मिक ज्ञान से भी परिचित कराया। संबित पात्रा ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से ही संभव हो पाया है कि आज हरियाणा और उड़ीसा एक साथ बैठा है। उन्होंने कहा कि आज जिसे हम बंगाल की खाड़ी कहते हैं, वह पहले कलिंग सागर के नाम से जाना जाता था। जब लोग दूसरे देशों में व्यापार के लिए जाते थे। उससे पहले उत्कल में कई दिन तक उत्सव आयोजित किया जाता था। पात्रा ने कहा कि 56 भोग की परम्परा जगन्नाथ से ही शुरू हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि 80 के दशक से गुरुग्राम और फरीदाबाद अस्तित्व में आया। यह दोनों जिले जिस रफ्तार से विकास के पथ पर आगे बढ़े, इसमें ओडिशा का भी योगदान है। उन्होंने कहा कि दोनों जिलों में 25 फीसदी स्थानीय और 75 फीसदी आबादी बाहरी है। परिवहन मंत्री ने ओडिशा की तीन संस्थाओं केसीडब्ल्यूए, नीलांचल, जगन्नाथ समिति को एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की।
कार्यक्रम के सह-संयोजक नवीन गोयल ने कहा कि गुरुग्राम की तरक्की में ओडिशा के प्लंबर से लेकर कंपनियों के सीईओ तक की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम में पूर्व डिप्टी स्पीकर एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भाजपा गोपीचंद गहलोत, प्रदेश सचिव ओबीसी मोर्चा उषा प्रियदर्शी और रेलवे बोर्ड पीएसी सदस्य हरविंद कोहली भी पहुंचे। इस अवसर पर केसीडब्ल्यूए के सलाहकार एचके मोहंती, नीलावल सोसायटी के प्रधान जयप्रकाश स्वेन, केसीडब्ल्यूए प्रधान गोबिंद चंद्र बेहरा, नीलांचल सोसायटी के सलाहकार सुजीत नंदा, नीलांचल सोसायटी के सदस्य विश्व रंजन, गणेश पूजा कमेटी के सदस्य रंजन बेहरा आदि मौजूद थे।