परिजनों व अधिवक्ता ने जेल प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। इटली की महिला से साइबर ठगी के आरोप में भोंडसी जेल में बंद अखिल मौर्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रबंधन की टीम रविवार देर रात लगभग 11 बजे उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
देर रात लगभग 12 बजे भोंडसी थाना से पुलिस टीम मौके पर पहुंची। परिवार ने जेल प्रशासन पर तीन दिन तक दवा न देने और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मामले में मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। मृतक अखिल मौर्य उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के बहादुरपुर गांव का मूल निवासी था। वह गुरुग्राम के सेक्टर-17 इलाके में रहता था। परिवार के अनुसार, अखिल ओसीडी (ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर) से पीड़ित था। अखिल के जीजा रोहित और अधिवक्ता प्रवीन सोनी ने बताया कि उन्हें सोमवार सुबह अखिल की हालत खराब होने की सूचना मिली थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि अखिल की मौत हो चुकी थी। परिवार ने आरोप लगाया कि जेल प्रबंधन की टीम उन्हें अस्पताल में छोड़कर चली गई थी।
रोहित ने बताया कि 15, 16 और 17 अक्तूबर को अखिल ने जेल से अपने पिता को फोन किया था। हर दिन उसने अपनी बिगड़ती हालत के बारे में बताया। उसने यह भी कहा कि जेल प्रशासन उसे दवा या इलाज की सुविधा नहीं दे रहा है। 17 अक्तूबर को ही अखिल की जमानत याचिका भी जिला अदालत से खारिज हुई थी। परिवार ने पुलिस को शिकायत देकर जेल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग की है। इटली मूल की एक महिला ने जुलाई-2026 में इंस्टाग्राम के माध्यम से एसीपी साइबर गौरव फौगाट से संपर्क किया था। महिला ने बताया कि गुरुग्राम निवासी एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया के माध्यम से उससे संपर्क किया। उसे शादी करने का झांसा दिया गया और एआई वीडियो बनाने के नाम पर रुपये ट्रांसफर करवाकर ठगी की गई। महिला 28 सितंबर को इटली से गुरुग्राम पहुंची और साइबर क्राइम थाना वेस्ट में प्राथमिकी दर्ज कराई। महिला से लगभग 900 यूरो की ठगी हुई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 अक्तूबर को 36 साल के अखिल को सेक्टर-17 इलाके से गिरफ्तार किया था। उसे 2 अक्तूबर को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था।
मजिस्ट्रेट जांच जारी
भोंडसी थाना प्रभारी सतपाल सिंह ने बताया कि मामले में मजिस्ट्रेट जांच चल रही है। परिवार की ओर से लिखित शिकायत मिली है। उन्हें समझाया गया है कि वे मजिस्ट्रेट को अपने बयान दर्ज करा दें। शव का पोस्टमार्टम सोमवार को नहीं हो सका है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।