मार्च में देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा था गुरुग्राम, पीएम 2.5 का औसत 116 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी में साफ हवा के लिए सरकारी स्तर पर लगातार प्रयासों के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन शहर की हवा की वास्तविक तस्वीर अब भी चिंता बढ़ाने वाली है। सोमवार को जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में लखनऊ ने एक करोड़ से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया। इंदौर दूसरे और जबलपुर तीसरे स्थान पर रहा। दिल्ली 30वें स्थान पर रही। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक और प्रमुख रिपोर्टों में अभी गुरुग्राम की सटीक रैंक और स्कोर स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है।
गुरुग्राम की चिंता इसलिए ज्यादा है क्योंकि इसी साल मार्च में शहर की हवा ने देशभर में सबसे खराब स्थिति दिखाई थी। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2026 में गुरुग्राम का औसत पीएम 2.5 स्तर 116 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा और इसे देश का सबसे प्रदूषित शहर बताया गया।
मानसून में भी प्रदूषण से राहत नहीं
गुरुग्राम में मानसून के दौरान भी प्रदूषण का स्तर पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सका। अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से अगस्त के बीच शहर का औसत एक्यूआई 123 से बढ़कर 141 तक पहुंच गया यानी बारिश और हवा के बावजूद प्रदूषण की समस्या बनी रही।
शहर में प्रदूषण के बड़े स्रोतों में सड़क की धूल, निर्माण गतिविधियां, वाहनों से निकलने वाला धुआं और औद्योगिक गतिविधियां शामिल हैं। गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में सड़कों और निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
गुरुग्राम के सामने दोहरी चुनौती
गुरुग्राम के सामने अब चुनौती केवल सर्वेक्षण में बेहतर रैंक हासिल करने की नहीं, बल्कि जमीन पर हवा की गुणवत्ता सुधारने की है। शहर में धूल नियंत्रण, निर्माण स्थलों की निगरानी, सड़कों की सफाई, यातायात प्रबंधन और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर कार्रवाई को प्रभावी बनाने की जरूरत है। मार्च में देश का सबसे प्रदूषित शहर बनने के बाद गुरुग्राम के लिए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 का सबसे बड़ा संदेश यही है कि योजनाओं और दावों के साथ हवा की वास्तविक गुणवत्ता में भी सुधार दिखाई देना चाहिए।
नगर निगम की ओर से प्रदूषण रोकने के सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। आने वाले समय में प्रदूषण का स्तर ठीक रहे उसके लिए तैयार प्लान के हिसाब से काम हो रहा है। - रवीन्द्र यादव अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम, गुरुग्राम