लोगों का आरोप-इंफ्रास्ट्रक्चर की देखभाल नहीं, संग्रहण क्षमता पूरी नहीं, बंद पड़े सबमर्सिबल
नंबर गेम-34 लाख लीटर की जरूरत है इलाके में
संवाद न्यूज एजेंसी
गुुरुग्राम। करीब 4000 घरों को समेटे सुशांतलोक-2 व 3 के निवासी इस प्रचंड गर्मी में जल संकट से जूझने को विवश हैं। लोगों के अनुसार इलाके में जीएमडीए का पानी काफी कम आ रहा है। उनका आरोप है कि इलाके के बूस्टर पंप और उनकी मोटर देखरेख के अभाव में खराब पड़े हैं। इलाके की दैनिक जरूरत 34 लाख लीटर है, जबकि अंडरग्राउंड टैंक की क्षमता सिर्फ 9 लाख लीटर है। यह क्षमता मांग के मुकाबले एक-तिहाई से भी कम है।
बूस्टर पंप और मोटर खराब पड़े हैं। सी-ब्लॉक का वाटर मीटर पिछले दो साल से बंद है, जिससे आने वाले पानी का कोई सटीक हिसाब नहीं है। टैंकों की सफाई न होने से पानी की गुणवत्ता खराब है। बिना जांच के गलत जगहों पर ट्यूबवेल लगाए गए, जिससे गंदा पानी आने लगा और उन्हें बंद करना पड़ा।
बू्टिंग स्टेशनबहल,जलभराव की समस्या
इस भूमिगत (अंडरग्राउंड) बूस्टिंग स्टेशन में जलभराव और 75 एचपी मोटर व इलेक्ट्रिकल सिस्टम के खराब होने की समस्या बेहद गंभीर है। इसका मुख्य कारण एयर वेंटिलेटर की कम ऊंचाई, निचले पार्क का जलभराव और दीवारों से सीपेज है। इस अंडरग्राउंड बूस्टिंग स्टेशन के एयर वेंटिलेटर जमीन से महज 1-2 फीट ऊपर निकले हुए हैं, बारिश का पानी सबसे ज्यादा इसी रास्ते से नीचे बेसमेंट में जाता है। इसी जलभराव के कारण 75 एचपी की महंगी मोटर और पूरा इलेक्ट्रिकल सिस्टम नष्ट हो चुका है।
-
जीएमडीए से काफी कम पानी आ रहा है। जुलाई 2022 में जब बिल्डर से टाउनशिप निगम को हस्तांतरित हुई थी तब से पंप, मोटर आदि का रखरखाव नगण्य रह गया है। टाउनशिप की समस्याएं कई बार नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष कई बार उठाई जा चुकी हैं। -सुदक्षणा लाहा, आरडब्ल्यूए महासचिव, सुशांत लोक-2, 3
इलाके में काफी कम पानी मिल रहा है। इलाके में पानी जरूरत और उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर का ऑडिट होना चाहिए। कुछ सबमर्सिबल भी बंद हो गए क्योंकि बगैर भूमि की जांच किए उन्हें बना दिया गया है, बाद में उसमें से गंदा पानी आने के कारण उसे बंद करना पड़ा। -पवन यादव, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुशांत लोक 2-3