10 अगस्त से जीएमडीए का अतिक्रमण विरोधी अभियान, पुराने गुरुग्राम से शुरू होगा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) 10 अगस्त से शहर में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू करेगा। इसके लिए सर्वे शुरू हो गया है। अभियान के तहत जीएमडीए के अधिकार क्षेत्र में आने वाले राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। इसके लिए 36 अधिकारियों और कर्मचारियों की 12 संयुक्त टीमें गठित की गई हैं।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा के निर्देश पर गठित प्रत्येक टीम में तीन सदस्य होंगे, जिनमें जीएमडीए के एन्फोर्समेंट, इंफ्रा-1, इंफ्रा-2 और मानेसर नगर निगम के जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। अभियान का नेतृत्व जिला नगर योजनाकार (एन्फोर्समेंट) आरएस बाठ करेंगे, जबकि सहायक नगर योजनाकार (एटीपी) टीमें कार्रवाई की निगरानी करेंगी। अभियान के दौरान सेक्टर डिवाइडिंग सड़कों के राइट ऑफ वे, सर्विस रोड, ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ और कैरिजवे पर किए गए स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाए जाएंगे। इसमें सरकारी भूमि पर बने अवैध ढांचे और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए कब्जे शामिल हैं।
सीईओ ने कहा कि अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक भूमि को उसके मूल उपयोग के लिए मुक्त कराना, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना तथा पैदल यात्रियों और वाहन चालकों के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है। अभियान की निगरानी के लिए जीएमडीए विस्तृत डाटाबेस तैयार करेगा। इसमें प्रत्येक क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति, की गई कार्रवाई और कार्रवाई के बाद की स्थिति का रिकॉर्ड रखा जाएगा। एनफाेर्समेंट टीमें प्रतिदिन इस डाटा को अपडेट करेंगी।
सर्वे शुरू, 24 घंटे में होगी स्थिति स्पष्ट
जीएमडीए ने अतिक्रमण वाले क्षेत्रों की पहचान के लिए फील्ड टीमें पहले ही तैनात कर दी हैं। चिन्हित स्थानों की स्थिति का आकलन 24 घंटे के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। डीटीपी (प्रवर्तन) आरएस बाठ ने ओल्ड रेलवे रोड, न्यू रेलवे रोड, सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर), गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड तथा सेक्टर-4, 7 और 9 सहित कई स्थानों का निरीक्षण किया, जहां बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पाया गया है।
पहले पुराने गुरुग्राम पर रहेगा फोकस
जीएमडीए ने लोगों को स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का अवसर देने के लिए समाचार पत्रों में सार्वजनिक नोटिस जारी किए हैं और चिन्हित क्षेत्रों में घोषणाएं भी शुरू कर दी हैं। अभियान के शुरुआती चरण में पुराने गुरुग्राम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां अतिक्रमण के कारण यातायात जाम और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अतिक्रमण रोकने के लिए पेट्रोलिंग टीम तैनात करेगा जीएमडीए
जीएमडीए ने सेक्टर-1 से सेक्टर-57 तक अपने राइट ऑफ वे की सुरक्षा, नियमित पेट्रोलिंग और अतिक्रमण हटाने के लिए एजेंसी नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 59.35 लाख रुपये की लागत का टेंडर जारी किया गया है। चयनित एजेंसी को वाहनों सहित पेट्रोलिंग टीमें उपलब्ध करानी होंगी, जो निर्धारित क्षेत्रों में नियमित गश्त कर अतिक्रमण की पहचान करेंगी। जीएमडीए की प्रवर्तन टीमों के साथ कार्रवाई में सहयोग करेंगी। इसका उद्देश्य सार्वजनिक भूमि और सड़क अधिकार क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखना तथा दोबारा अवैध कब्जों को रोकना है। यह अनुबंध 6 महीने की अवधि के लिए होगा। दूसरे टेंडर में सेक्टर 58 से सेक्टर 80 तक जीएमडीए के रास्ते के अस्थायी और स्थायी अतिक्रमणों राइट ऑफ वे की सुरक्षा के लिए गाड़ियों के साथ पेट्रोलिंग टीमों को उपलब्ध कराना और तैनात करना है। इस पर 48.78 लाख रुपये खर्च होंगे। जीएमडीए की योजना है कि अवैध कब्जे हटाने के बाद दोबारा से वहां पर कब्जा न हो सके।