एसआईआर 2026...अलग-अलग नंबर जारी होने से भारी भ्रम, दूसरे राज्यों से भी कर रहे कॉल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला प्रशासन और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए शुरू किया गया विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) पहले ही चरण में अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। निर्वाचन विभाग के घर-घर फॉर्म पहुंचाने के दावों के बीच, धरातल पर स्थानीय मतदाता गंभीर तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों से जूझ रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या जिला प्रशासन के हेल्पलाइन सिस्टम में देखने को मिल रही है, जहां अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के लिए अलग-अलग नंबर जारी होने से भारी भ्रम की स्थिति है।
अपने सवालों के जवाब के लिए भटक रहे स्थानीय नागरिकों को हेल्पलाइन ऑपरेटर्स द्वारा सीधे बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से संपर्क करने का घिसा-पिटा जवाब देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। परेशानी यहीं खत्म नहीं होती, गुरुग्राम की इस स्थानीय हेल्पलाइन पर इन दिनों काम का अप्रत्याशित दबाव बढ़ गया है। दरअसल, दिल्ली, बिहार और अन्य पड़ोसी राज्यों के प्रवासी मतदाता भी अपने क्षेत्रों की जानकारी के लिए लगातार गुरुग्राम के हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल कर रहे हैं। इस दूसरे राज्यों की कॉलिंग के कारण स्थानीय मतदाताओं को घंटों लाइन व्यस्त मिलने या लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है। मतदाता अब एक ही छत के नीचे केंद्रीकृत हेल्पलाइन की मांग कर रहे हैं, ताकि साक्ष्य जुटाने और नए वोटर आईडी कार्ड से जुड़े सवालों का त्वरित समाधान मिल सके।
इस तरह की मांग रहे हैं जानकारी..
नया मतदाता पहचान पत्र कब बनेगा
अभी मेरे घर बीएलओ ही नहीं पहुंचे हैं।
फॉर्म कब तक जमा करना है।
मतदाता सूची में परिवार के दो लोगों का नाम है अन्य का नहीं है कब तक जुड़ेगा।
मैंने अभी मकान खरीदा है मेरे पास तो यहां का मतदाता पहचान पत्र नहीं बना है।
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एसआईआर के तहत बीएलओ घर-घर जा रहे हैं। जहां पर भी कोई खामी पाई जा रही है। उसे तुरंत दूर किया जा रहा है। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। अलग-अलग विधानसभा के हिसाब से एसडीएम को अपने जोन का नोडल अधिकारी बनाया गया है। -उत्तम सिंह, उपायुक्त, गुरुग्राम