नंबर गेम - 40 अवैध निर्माण 2026 में अब तक हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सुल्तानपुर नेशनल पार्क के इको सेंसिटिव जोन में अवैध निर्माणों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को गंभीर चुनौती मिल रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में इस क्षेत्र में करीब 144 अवैध निर्माण दर्ज किए गए थे, जबकि इस वर्ष अब तक 40 नए निर्माण और बढ़ चुके हैं। इस तरह कुल मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिससे वन्यजीवों और प्राकृतिक संतुलन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों ने कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है और अवैध निर्माणों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इको सेंसेटिव जोन में किसी भी तरह के अनधिकृत निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन विभाग के निरीक्षण में पाया गया कि मैपिंग के बाद इको सेंसेटिव जोन में अवैध निर्माण बढ़े हैं।
उल्लंघन करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
प्रदूषण नियंत्रण विभाग, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (डीटीपीई) समेत अन्य संबंधित विभागों को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा है। सभी विभाग संयुक्त रूप से मौके पर निरीक्षण करेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पर्यावरण संरक्षण और पार्क क्षेत्र की जैव विविधता को बचाने के लिए जरूरी है।
क्या है इको सेंसेटिव जोन
इको सेंसेटिव जोन किसी राष्ट्रीय उद्यान या वन्यजीव अभयारण्य के आसपास का वह क्षेत्र होता है, जिसे पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। यहां प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों, बड़े निर्माण और खनन पर सख्त नियम लागू होते हैं। इसका उद्देश्य वन्यजीवों, जैव विविधता और प्राकृतिक पर्यावरण की सुरक्षा करना है। यह क्षेत्र मानव गतिविधियों और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने का काम करता है।
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सुल्तानपुर नेशनल पार्क के इको सेंसेटिव जोन में अवैध निर्माणों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है, ताकि आवश्यक कार्रवाई और रोकथाम के कदम जल्द उठाए जा सकें। -
राज जांगड़ा, वन्यजीव संरक्षण अधिकारी